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Shivpuri News: टाइगर 'तांडव' की ट्रैकिंग में आई रुकावट, सेटेलाइट कॉलर खराब होने पर बेहोश कर बदला गया

Sun, 18 May 2025 11:57 AM IST
शिवपुरी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी

सार

शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में बांधवगढ़ से लाए गए मेल टाइगर एमटी-5 (तांडव) की लोकेशन सेटेलाइट कॉलर से नहीं मिल रही थी। इस वजह से उसकी ठीक से निगरानी नहीं हो पा रही थी। रिजर्व की मॉनिटरिंग टीम और अधिकारी उसे सिर्फ रेडियो सिग्नल के जरिए ही ट्रैक कर रहे थे।
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टाइगर का कॉलर बदलते हुए वन अधिकारी कर्मचारी
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विस्तार
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शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में बांधवगढ़ से लाए गए मेल टाइगर एमटी-5 (तांडव) की लोकेशन सेटेलाइट कॉलर से नहीं मिल पा रही थी। इस कारण टाइगर की सही ट्रैकिंग नहीं हो रही थी। रिजर्व की मॉनिटरिंग टीम और अधिकारी उसे सिर्फ रेडियो सिग्नल से ही ट्रैक कर पा रहे थे। इस समस्या को दूर करने के लिए टाइगर को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) किया गया और उसका पुराना सेटेलाइट कॉलर हटाकर नया कॉलर लगाया गया।

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कॉलर बदलने में विशेषज्ञों की टीम ने की मदद

माधव टाइगर रिजर्व की उप संचालक प्रियांशी सिंह ने बताया कि टाइगर एमटी-5 को सुरक्षित तरीके से बेहोश कर नया सेटेलाइट कॉलर पहनाया गया। इस प्रक्रिया में वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. जितेंद्र कुमार जाटव, कूनो पार्क के डॉक्टर, डब्ल्यूआईआई की टीम, और टाइगर रिजर्व के अन्य अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि जब से टाइगर को बांधवगढ़ से लाया गया था, तभी से उसके पुराने कॉलर में सिग्नल की दिक्कत आ रही थी। अब नए कॉलर से उसकी निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी।

माधव टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने बताया कि टाइगर तांडव के पुराने सेटेलाइट कॉलर में काफी समय से सिग्नल की दिक्कत थी। इस बारे में जब WII (वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया) को जानकारी दी गई, तो उन्होंने पहले कहा कि कॉलर अपने आप ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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फिलहाल टाइगर एक ही इलाके में रुका हुआ था, इसलिए उसकी निगरानी में ज्यादा दिक्कत नहीं आ रही थी। लेकिन अब जैसे-जैसे मौसम बदलेगा, टाइगर दूसरे क्षेत्रों में भी घूम सकता है। ताकि ऐसे समय में उसकी सही लोकेशन मिलती रहे और ट्रैकिंग में कोई दिक्कत न हो, इसलिए नया कॉलर लगाया गया है।
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माधव टाइगर रिजर्व का जंगल टाइगरों को खूब भा रहा

शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में फिलहाल कुल 7 टाइगर और उनके शावक हैं। इनमें से 5 टाइगर दूसरे जंगलों से यहां लाए गए हैं, जबकि 2 शावकों का जन्म यहीं हुआ है। कुछ दिन पहले शिवपुरी शहर के झांसी रोड पर एक टाइगर दिखाई दिया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि रिजर्व के अंदर 'जार्ज कैसल' इलाके में छोड़ी गई फीमेल टाइगर को पास के मझेरा जंगल का इलाका काफी पसंद आ गया है। वह कभी-कभी सड़क पार कर उस इलाके में भी घूमने चली जाती है।

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