शिवपुरी जिले में नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 13 जुलाई को होना है।
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शिवपुरी जिले में नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 13 जुलाई को होना है, लेकिन इस दौरान बड़े नेताओं ने चुनाव प्रचार से दूरी बना ली है। भाजपा हो या कांग्रेस दोनों ही मुख्य दलों के बड़े नेता प्रचार में नहीं आए। स्थानीय नेता ही प्रचार करने में जुटे रहे। यहां तक राजनीतिक दलों के मुख्य व बड़े नेता का सवाल है तो किसी भी बड़े नेता ने शिवपुरी में कोई बड़ी आमसभा, रोड शो, नुक्कड़ रैली नहीं की। स्थानीय स्तर पर पार्टी के पार्षद प्रत्याशी ही अपने-अपने वार्डों में प्रचार करने में जुटे रहे। बड़े नेताओं द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान कोई बड़ी रैली, नुक्कड़ सभा या कोई रोड-शो नहीं किया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।
सूत्रों ने बताया कि नगरपालिका चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं का स्थानीय स्तर पर प्रचार में ना आने के पीछे कारण बताया जा रहा है कि वार्डों में विकास कार्य न होने से जनता नाराज है। नगरीय निकाय चुनाव में 13 जुलाई को वोट डालने हैं लेकिन किसी बड़े नेता की यहां पर सभा, रैली या रोड शो नहीं हुआ। स्थानीय स्तर पर ही पार्टी के कार्यकर्ता व पदाधिकारी गण डोर टू डोर प्रचार करने में जुटे रहे।
शिवपुरी में भाजपा और कांग्रेस की मुसीबत निर्दलीय प्रत्याशियों ने बढ़ा दी है। भाजपा और कांग्रेस के कई स्थानीय नेताओं को अपने- अपने वार्ड में टिकट नहीं मिले। इन नेताओं ने पार्टी से बगावत करते हुए निर्दलीय ताल ठोक दी। शिवपुरी नगर पालिका क्षेत्र की बात की जाए तो करीब 15 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को सीधी टक्कर दे रहे हैं। शहर सरकार के इस चुनाव में इस बार निर्दलीय प्रत्याशी शिवपुरी नगर पालिका के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।