जिला अस्पताल में गेट पास जारी करने और सुरक्षा की जिम्मेदारी एक ही निजी कंपनी को सौंपी गई है। जबसे यह कंपनी काम कर रही है, तभी से प्रबंधन के पास आए दिन कोई न कोई शिकायत पहुंच रही है। यहां मौजूद सुरक्षा गार्ड आए दिन मरीजों के परिजनों को परेशान करते हैं, अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं।
शिवपुरी जिला अस्पताल इन दिनों विवादों में घिरा नजर आ रहा है। यहां भर्ती मरीजों के परिजनों से अंदर प्रवेश के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं। प्रवेश के लिए गेट पास की एक राशि निर्धारित की गई है। जिसे लेकर आए दिन मरीजों और सुरक्षा गार्डों के बीच विवाद होता रहता है। ऐसा ही एक विवाद बीते रोज बुधवार सामने आया, जब गार्ड ने मरीज के परिजनों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया और बहस करते हुए उन्हें मारने की धमकी भी दी।
विज्ञापन
मामले की जानकारी शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन के पुत्र और भाजपा जिला कोषाध्यक्ष सक्षम जैन को लगी तो वे जिला अस्पताल पहुंचे और सिविल सर्जन बीएल यादव से घटना के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि गार्ड द्वारा मरीज के परिजनों के साथ जो अभद्रता की गई, उस पर सख्त कार्रवाई की जाए और संबंधित कंपनी का ठेका निरस्त किया जाए।
जिला अस्पताल में गेट पास जारी करने और सुरक्षा की जिम्मेदारी एक ही निजी कंपनी को सौंपी गई है। जबसे यह कंपनी काम कर रही है, तभी से प्रबंधन के पास आए दिन कोई न कोई शिकायत पहुंच रही है। यहां मौजूद सुरक्षा गार्ड आए दिन मरीजों के परिजनों को परेशान करते हैं, अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। इस दौरान नौबत हाथापाई तक पहुंच जाती है।
कंपनी का टेंडर निरस्त करने की मांग
भाजपा जिला कोषाध्यक्ष सक्षम जैन ने कहा कि जिला अस्पताल में गार्ड और मरीजों के परिजनों के बीच विवाद के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन से चर्चा कर कंपनी का टेंडर निरस्त कराने की मांग की है। सिविल सर्जन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, बदसलूकी करने वाले गार्ड को सेवा से हटा दिया गया।
मरीजों से लिए जा रहे इतने रुपये
सक्षम जैन के अनुसार जो परिजन मरीज को अस्पताल लाते हैं, उनके लिए निशुल्क पीले रंग का पास बनता है, जो केवल एक व्यक्ति के लिए मान्य होता है। पास खो जाने की स्थिति में दूसरा पास बनवाने के लिए 20 रुपए देने पड़ते हैं। वहीं, तीसरा अतिरिक्त पास बनवाने के लिए अटेंडर को 20 रुपए प्रतिदिन देना होता है। यदि मरीज के पास एक से अधिक लोग रुकते हैं तो 50 रुपए प्रति अटेंडर पास लिया जाता है। सक्षम जैन ने बताया कि एंट्री पास के लिए कितनी राशि ली जानी चाहिए, इसकी जानकारी देने वाला कोई बोर्ड अस्पताल परिसर में नहीं लगा है। वहीं, मरीजों के परिजनों का कहना है कि उन्हें 50 रुपए में पास बनाकर दिया जा रहा है। जैन ने कहा कि अगर, कंपनी का टेंडर निरस्त नहीं किया गया, तो वे इस मामले की शिकायत उच्च स्तर तक करेंगे।