शिवपुरी कलेक्टर ऑफिस में शुक्रवार आधी रात को आग लग गई। इसका पता अधिकारियों को शनिवार सुबह पता लगा, तब तक कई विभागों की फाइलें जलकर खाक हो गईं। शॉर्ट-सर्किट की वजह से आग लगने का अंदेशा जताया जा रहा था। लेकिन CCTV फुटेज में देर रात दो संदिग्ध नकाबपोश युवक कलेक्ट्रेट परिसर में जाते दिखाई दिए। वे खिड़की से पेट्रोल डालते और आग भभकने पर भागते नजर आ रहे हैं। एक युवक की पीठ पर बैग टंगा हुआ दिखाई दे रहा है। बदमाश शिकायत शाखा के पिछले हिस्से की खिड़की पर पहुंचते हैं, जहां बोतल में भरकर लाए पेट्रोल को खिड़की से अंदर डालते हैं, फिर माचिस से आग लगाते हैं। जैसे ही तेज धमाका हुआ, दोनों बदमाश भाग गए।
मामले में कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी का कहना है कि दो युवक CCTV में कैद हुए हैं, जिन्होंने आग लगाई है। एसपी अमन सिंह राठौड़ ने भी वीडियो देखा है। पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है। कलेक्टर ने यह भी बताया कि आग नाजिर के स्टोर रूम और नजूल के कुछ हिस्सों में लगी है। भू-अर्जन के हमारे रिकॉर्ड सुरक्षित हैं। कुछ रिकॉर्ड हमारा ऑनलाइन है, जिसे ले सकते हैं। हम एडीएम की अध्यक्षता में एक टीम बनाएंगे, जो पूरे मामले की जांच करेगी। किस-किस रिकॉर्ड का नुकसान हुआ है, यह तो पूरी पड़ताल के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
जानकारी के मुताबिक, रात के समय भी कलेक्ट्रेट में चौकीदार तैनात रहते हैं, फिर भी समय रहते आग लगने की सूचना समय पर नहीं मिल पाई। सुबह कलेक्ट्रेट परिसर के कई कमरों में धुआं उठा तब किसी ने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इसके बाद मौके पर पहुंचे संबंधित अधिकारियों ने नगर पालिका की फायर बिग्रेड, पानी के टैंकर को बुलाकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया।
कलेक्टर कार्यालय में आगजनी के पीछे कौन, अब सबसे बड़ा सवाल
शिवपुरी जिला मुख्यालय पर स्थित कलेक्टर कार्यालय में शुक्रवार व शनिवार की रात को अचानक आग लग गई। कलेक्टर कार्यालय में हुई इस आगजनी में विभिन्न विभागों का रिकॉर्ड जलकर खाक हो गया है। शनिवार की सुबह कलेक्टर कार्यालय में इस आग लगने की घटना के बाद कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। बताया जाता है कि शनिवार को सुबह कलेक्टर कार्यालय के नजूल शाखा में स्थित कक्ष में धुंआ उठते हुए यहां पर तैनात सैनिकों के द्वारा देखा गया। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड व एसडीआरएफ की टीम ने इस आग पर काबू पाया।
वहीं, इस मामले में कलेक्टर ने सफाई दी है और कहा है कि इस आगजनी की घटना में रिकॉर्ड के कोई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की क्षति नहीं हुई है। फिर अब पूरा मामला जांच की जद में है। आने वाले समय में ही यह खुलासा हो सकेगा कि इस आग के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और उनका मकसद क्या था।
आग लगाए जाने के सीसीटीवी फुटेज सामने आए
शिवपुरी के कलेक्टर कार्यालय में शनिवार हुई आगजनी के मामले में अब नया खुलासा हुआ है। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज सामने आएं, जिसमें दो युवक यहां पर रात के समय कार्यालय के एक कक्ष में आग लगाते हुए दिख रहे हैं। इस मामले में अग्नि दुर्घटना की जांच पुलिस अधीक्षक द्वारा कराई जा रही है। कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने कहा है कि इस आगजनी की घटना में रिकॉर्ड के कोई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की क्षति नहीं हुई है। अग्नि दुर्घटना से नजूल शाखा, भू-अर्जन शाखा, विधि शाखा तथा शिकायत शाखा आदि संचालित हैं। इन कमरों के पीछे भाग में नजारत शाखा का स्टोर था, जिसमें कुछ अनुपयोगी फर्नीचर एवं अन्य सामग्री रखी थी। तत्काल अग्नि शमन का कार्य फायर ब्रिगेड, नगरपालिका एवं एसडीआरएफ की टीम ने किया और आग पर काबू पाया गया।
मजिस्ट्रियल जांच एडीएम करेंगे
इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच अपर जिला दण्डाधिकारी दिनेश चंद्र शुक्ला के द्वारा की जा रही हैं। आगजनी की घटना के संबंध में जिस किसी भी व्यक्ति को ऐसे किसी भी तथ्य का ज्ञान हो जिससे अग्नि दुर्घटना के कारणों को जानने में सहायक हो, वह न्यायालय अपर कलेक्टर शिवपुरी के कक्ष में उपस्थित होकर कार्यालयीन समय में 25 मई तक प्रस्तुत कर सकता है।