शिवपुरी नगर पालिका में सड़कों के गड्ढे भरने के नाम पर 16 लाख रुपये से ज्यादा का फर्जी भुगतान कराने वाले मामले में पुलिस ने फरार ठेकेदार अर्पित शर्मा पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने आदेश जारी कर कहा है कि आरोपी को पकड़वाने वाले को यह इनाम दिया जाएगा और उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इस घोटाले में नगर पालिका के इंजीनियर सतीश निगम और जितेंद्र परिहार को तीन दिन पहले हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन मुख्य आरोपी अर्पित शर्मा अब तक फरार है।
कलेक्टर की जांच में हुआ था फर्जी भुगतान का खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह मामला तब सामने आया जब कुछ पार्षदों ने कलेक्टर रविंद्र चौधरी से शिकायत की कि नगर पालिका में मुरम, गिट्टी और कत्तल डालने के नाम पर लाखों रुपये का फर्जी भुगतान किया गया है। कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस ने इंजीनियर सतीश निगम, जितेंद्र परिहार और ठेकेदार अर्पित शर्मा के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। घटना के बाद से तीनों आरोपी फरार हो गए थे।
यह भी पढ़ें- Harda News: पढ़ाई के लिए जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं मासूम बच्चे, माचक नदी पर पुल का 27 साल से इंतजार
हिमाचल में छिपे थे दोनों इंजीनियर
पुलिस को सूचना मिली कि दोनों इंजीनियर हिमाचल प्रदेश में छिपे हुए हैं। कोतवाली टीआई कृपाल सिंह राठौड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम वहां पहुंची और आरोपियों को पकड़कर शिवपुरी लाई। दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया, जो मंगलवार शाम तक पूरा होगा। पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
ठेकेदार पर पार्षदों ने भी रखा इनाम
मुख्य आरोपी अर्पित शर्मा पर एसपी द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किए जाने के बाद शिकायत दर्ज कराने वाले पार्षदों ने भी अपनी ओर से 21 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि इनाम की घोषणा के बाद आरोपी के ठिकाने की जानकारी जल्द मिल सकती है।
यह भी पढ़ें- MP: 'आज मैं ट्रेन चलाऊंगा', लोको पायलट की सीट पर बैठकर युवक करने लगा जिद, लोगों के फूले हाथ-पांव; जानें
पहले भी रहा है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार, अर्पित शर्मा के खिलाफ पहले से छह से आठ आपराधिक केस दर्ज हैं। करीब डेढ़ साल पहले उस पर नगर पालिका से टैंकर चोरी का मामला भी दर्ज हुआ था, जो अब भी अदालत में लंबित है। यह पहली बार नहीं है जब उस पर इनाम घोषित किया गया है, लेकिन इस बार मामला बड़े वित्तीय घोटाले से जुड़ा होने के कारण पुलिस की तलाश और तेज हो गई है।