शिवपुरी में खाद के लिए लगी लंबी-लंबी कतारें।
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शिवपुरी समेत प्रदेश के ज्यादातर जिलों में इस समय रबी सीजन में खाद की कमी का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं की फसल की बुआई तेजी से हो रही है। किसानों के सामने खाद का संकट पैदा हो गया है। खाद वितरण केंद्रों पर इस समय डीएपी खाद के लिए मारामारी मची हुई है। किसानों को एक बोरी खाद के लिए लाइन में लगकर धक्का-मुक्की करनी पड़ रही है। अधिकारियों ने दावा किया है कि सभी किसानों को खाद मिल रही है। हालांकि, खाद बेचने वाले केंद्रों पर लंबी-लंबी लाइनों और धक्का-मुक्की व्यवस्था की पोल खोल रही है।
शिवपुरी जिले में गेहूं की बुआई बड़े पैमाने पर होती है। इस वजह से किसानों को डीएपी खाद की आवश्यकता है। केंद्रों पर डीएपी आने की सूचना मिलती है किसान लाइन में लग जाते हैं। केंद्रों के बाहर भारी भीड़ धक्का-मुक्की के बीच कई घंटों इंतजार के बाद भी काफी किसानों को खाद नहीं मिल पाती है। ऐसे में किसान खाली हाथ लौट रहे हैं।
कई किसानों ने बताया है कुछ समय पहले हुई बारिश से पहले ही किसान की खेती काफी प्रभावित हुई है। अब उन्हें समय से खाद नहीं मिल रहा। किसानों ने बताया कि सुबह से शाम हो जाती है लेकिन खाद के लिए नंबर ही नहीं आता। किसानों का यह भी कहना है कि दो कट्टे प्रति किसान को दिए जा रहे हैं उनसे काम नहीं चल सकता। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि जिले में पर्याप्त खाद है, लेकिन यहां तो खाद के लिए मारामारी मची हुई है l
कमलनाथ का आरोप- मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के इलाके में किसान परेशान
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में खाद का भयावह संकट है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में किसान खाद को लेकर परेशान हो रहे हैं। किसान खाद के लिए कई-कई दिन तक लंबी-लंबी लाइनों में लगे हुए हैं। खाद के लिए धरने दे रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री और प्रदेश के कृषि मंत्री के क्षेत्र में खाद का भारी संकट है। इसके बाद भी सरकार सच्चाई स्वीकार करने के बजाय कह रही है कि प्रदेश में खाद का कोई संकट नहीं है।