डीजे को लेकर हंगामा पुलिस पर मारपीट का आरोप
शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र में रविवार देर रात धार्मिक आयोजन के दौरान डीजे बजाने और सड़क पर बनी जाम की स्थिति को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामला उस समय और बढ़ गया, जब मौके पर पहुंचे दो पुलिसकर्मियों पर लोगों ने अभद्र व्यवहार करने और लाठियों से मारपीट करने के आरोप लगाए। घटना से नाराज लोग सीधे फिजिकल थाने पहुंच गए और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ उन्हें थाने से हटाने की मांग करने लगे। दूसरी ओर, थाना प्रभारी ने पुलिसकर्मियों के शराब के नशे में होने और मारपीट करने संबंधी आरोपों को गलत बताया है। देर रात शुरू हुआ यह घटनाक्रम करीब डेढ़ बजे तक चलता रहा।
जानकारी के अनुसार, फिजिकल थाना क्षेत्र में थाने से कुछ ही दूरी पर माता के पंडाल में प्रतिमा स्थापना की तैयारियां चल रही थी। रविवार रात करीब 11 बजे आयोजन के सिलसिले में सड़क पर डीजे लगाया गया था। धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी और जाम जैसी स्थिति बन गई। रात बढ़ने के साथ ही यातायात और डीजे को लेकर स्थिति चर्चा का विषय बन गई। इसी बीच रात करीब 12:30 बजे दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। बताया गया कि पुलिसकर्मियों का उद्देश्य डीजे बंद कराना और सड़क पर आवागमन सुचारु करना था। हालांकि, इस दौरान पुलिस और आयोजन में शामिल लोगों के बीच कहासुनी हो गई।
ये भी पढ़ें-
टीकमगढ़: दुर्गा पंडाल की सजावट के दौरान विवाद, एसआई पर गाली-गलौज और धमकाने का आरोप
मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि डीजे बंद कराने और जाम हटाने के दौरान पुलिसकर्मियों ने सख्ती दिखाई और कुछ लोगों के साथ मारपीट की। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों पुलिसकर्मी शराब के नशे में थे। विवाद बढ़ने के बाद पुलिसकर्मी अपना वाहन लेकर मौके से चले गए। घटना के बाद आयोजन में शामिल लोगों में नाराजगी फैल गई। लोगों ने पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग फिजिकल थाने पहुंच गए और वहां अपनी शिकायत दर्ज कराने के साथ दोनों पुलिसकर्मियों को थाने से हटाने की मांग करने लगे। मामले की जानकारी मिलते ही थाने में हलचल बढ़ गई। नाराज लोगों के पहुंचने और विरोध के चलते स्थिति को संभालने के लिए अन्य थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
देर रात तक चले घटनाक्रम के दौरान लोग अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि पुलिसकर्मियों की ओर से अनुचित व्यवहार किया गया है, तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। करीब डेढ़ बजे तक चले हंगामे के बाद स्थिति शांत हुई। फिजिकल थाना प्रभारी अवनीश सिंह राठौड़ ने बताया कि रात करीब 12 बजे पुलिसकर्मी गश्त पर निकले थे। इसी दौरान सड़क पर डीजे बजने और यातायात बाधित होने की स्थिति सामने आई। रात अधिक होने के कारण पुलिस ने डीजे बंद करने और रास्ता खाली कराने के लिए कहा था। थाना प्रभारी के मुताबिक, माता का पंडाल एक स्थान पर था, जबकि डीजे दूसरी जगह लगाया गया था। उन्होंने पुलिसकर्मियों के शराब के नशे में होने और लोगों के साथ मारपीट करने के आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि पुलिस ने लोगों को समझाइश देकर स्थिति को शांत करा दिया था।
डीजे को लेकर हंगामा पुलिस पर मारपीट का आरोप