शिवपुरी जिले के पोहरी अनुविभाग क्षेत्र के बैराड़ नगर परिषद के कालामढ़ जमीन घोटाले के मामले में ईओडब्ल्यू ने विशेष न्यायालय में चालान पेश कर दिया है। 18 लोगों के खिलाफ चालान पेश किया गया है, जिसमें तत्कालीन एसडीएम सहित राजस्व विभाग के कई लोग शामिल हैं।
बैराड़ में स्थित कालामढ़ में 150 बीघा शासकीय जमीन कुछ भूमाफिया द्वारा राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके बेच दी गई। इस मामले की शिकायत 2009 में की गई थी। 2012 में धारा 420, 409, 120 सहित कई गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। जांच के नाम पर अब चालान प्रस्तुत किया गया है। इस मामले में दो तत्कालीन आरआई साक्ष्य न होने के कारण और दो पटवारियों को मौत हो जाने के कारण ओर एक रिटायर्ड एसडीएम नन्दकिशोर वीरवाल को विभागीय स्वीकृति न मिलने के कारण चालान में शामिल नहीं किया गया।
सभी आरोपियों को नोटिस तामिल कराए गए थे, लेकिन न्यायालय में कोई भी आरोपी नहीं पहुंचा। अब न्यायालय से इन सभी के खिलाफ संभवत: गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाएंगे।
इस मामले में यशवंत गोयल निरीक्षक ईओडब्ल्यू ग्वालियर ने बताया कि न्यायालय में 2012 में हुई एफआईआर में चालान पेश कर दिया गया है, जिसमें राजस्व के अधिकारी कर्मचारी, नगर परिषद बैराड़ की अध्यक्ष सहित कुल 18 लोगों को आरोपी बनाकर चालान पेश किया है। इस मामले को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट माखन धाकड़ ने बताया कि 2012 से लेकर अब तक इस मामले में तमाम अधिकारी, न्यायालय, राज्यपाल तक पत्राचार किया और अब सफलता मिली है और इस मामले में चालान पेश हो गया है।
इन्हें बनाया है आरोपी
इस मामले में ईओडब्ल्यू ने जो चालान पेश किया है, उसमें 18 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें रामबाबू सिंदोसकर तत्कालीन तहसीलदार व एसडीएम वर्तमान में एडीएम दतिया, शैलेन्द्र राय वर्तमान में तहसीलदार विदिशा, साहिर खान तहसीलदार अशोकनगर, हाकिम सिंह नायाब तहसीलदार टीकमगढ़, घनश्याम वर्मा पटवारी, रामवरण पावक समन्वयक अधिकारी, जनपद पंचायत भिंड, योगेंद्र बाबू शुक्ला राजस्व निरीक्षक, जयवरण सिंह गुर्जर सेनि. नायब तहसीलदार जगदीश श्रीवास्तव सेनि आरआई, प्रेमनारायण श्रीवास्तव पटवारी, मालती रावत अध्यक्ष नगर परिषद बैराड़, विमला ओझा, रामकुमार ओझा, अनिल ओझा, गायत्री ओझा, बद्री ओझा, लक्ष्मण रावत तत्कालीन सरपंच व नगर परिषद अध्यक्ष पति को आरोपी बनाया है।