मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार विवाद काउंटर पर बिजली विभाग के गार्ड द्वारा उपभोक्ताओं और अभिभाषक से अभद्रता करने के बाद शुरू हुआ था। लोगों ने एई रंजीत भदौरिया को लात-घूंसों से तब तक मारा जब तक उन्हें बचाने के लिए पुलिस नहीं आई।
बताया जाता है कि लोक अदालत में बिजली बिल से जुड़े विवाद निपटाने के लिए ग्रामीण अंचल से बड़ी संख्या में लोग आए थे। उपभोक्ताओं का कहना था कि उन्होंने बिल जमा कर दिया, लेकिन इसके बाद भी विभाग ने उन्हें नोटिस दे दिया। जब वे लोग काउंटर पर पहुंचे तो विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि या तो बिल जमा कराओ नहीं तो जेल जाना पड़ेगा। जब बहस की स्थिति बनी तो विभाग का गार्ड भी लोगों को हड़काने लगा। इसी दौरान उपभोक्ताओं के साथ कुछ अभिभाषक भी वहां पहुंचे। यहां पर गार्ड ने अभिभाषक के साथ भी धक्कामुक्की कर दी, जिसके बाद काउंटर बंद कर दिया गया।
वीडियो भी हो रहा वायरल
इसकी जानकारी मिलने पर एई रंजीत भदौरिया भी वहां पहुंच गए। उनकी उपभोक्ताओं के सााथ बहस हो गई। इसके बाद लोगों ने एई भदौरिया की जमकर पिटाई कर दी। घटना का जो वीडियो आया है उसमें एक अभिभाषक भी एई को लात मारते हुए दिखाई दे रहा है। हंगामा होने के बाद पुलिस वहां पहुंची और उन्होंने भदौरिया को बचाया।
प्रधान जिला न्यायाधीश, जिला जज आदि भी वहां पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली। रंजीत भदौरिया ने अज्ञात लोगों द्वारा मारपीट करने की बात कहते हुए कोतवाली थाना में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दे दिया है। मारपीट में उनके कान पर चोट आई है।