पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने प्रदेश में बढ़ते अपराध और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। भोपाल में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि प्रदेश में हर दिन 20-22 बहनों के साथ रेप केस होते हैं। 1 जनवरी 2024 से 20 जून 2025 तक 10840 रेप के मामले सामने आए हैं। हर दिन दो मासूम बच्चियां दुष्कर्म का शिकार हो रही हैं। एससी, एसटी बच्चियां और महिलाएं पीड़िताएं हैं और इसके पीछे कोई न कोई बीजेपी के कार्यकर्ता और नेता होता है। नशा, ड्रग्स के भोपाल में इस साल 4-5 केस हुए, उनमें बड़े-बड़े लोगों के नाम आए और सब बीजेपी नेताओं के साथ खड़े दिखे हैं। पटवारी ने प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार, अपराध नियंत्रण में विफलता और राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार जनहित में नहीं बल्कि दलाली और सौदेबाजी की राजनीति कर रही है। उन्होंने महिला अपराध को कहा कि विधान सभा मानसून सत्र में किए गए प्रश्न का सीएम ने लिखित में जवाब दिया है।
पूछा-क्या ड्रग्स कारोबार को शह दे रहे मंत्री और सरकार?
उन्होंने कहा कि भोपाल में एक परिवार का मकान तोड़ने की कार्रवाई की गई (शारिक मछली पर हुई कार्रवाई), सब बीजेपी नेताओं के साथ दिखते रहे हैं। उन्होंने सवाल पूछा कि क्या मंत्री और सरकार ड्रग्स के इस कारोबार को शह दे रहे हैं? शराब कारोबार देखा जाए तो शिवराज जी के कार्यकाल से आपके दो साल का शराब कारोबार देखा जाए तो, डेढ़ गुना ज्यादा कारोबार आपकी सरकार में है। उन्होने कहा कि इसका क्या मैसेज है, क्या आपने प्रदेश को 'शराबयुक्त' कर दिया। इसी का नतीजा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था धराशायी है।
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ट्रांसफर फैक्ट्री चलाई
जीतू पटवारी ने कहा कि यहां ट्रांसफर फैक्ट्री चलाई जा रही है। पटवारी ने कहा कि आपके पास 377 आईएएस हैं, 42 प्रतिनियुक्ति पर हैं, अब बचे 335 में से 200 ऑफिसर्स के तबादले बार-बार हो रहे हैं। सीबी चक्रवती, संजय शुक्ला जैसे अफसरों के तबादले 6-6 बार किए जा रहे हैं। यानी हर दो से तीन महीने में उनका विभाग बदला जा रहा है।
कैसे सुधरेगी कानून व्यवस्था?
जीतू ने सवाल उठाया कि ऐसे में ये अफसर कैसे विभाग को समझेंगे और कैसे काम करेंगे। उमाकांत का 5-5 बार ट्रांसफर किया जा चुका है। बाकी कई अधिकारियों के 4-4 बार तबादले किए गए हैं। इस तरह कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ेगी तो और क्या होगा? IPS 305 हैं, 38 IPS प्रतिनियुक्ति पर हैं। शेष 259 में से 213 के एक से अधिक बार तबादले किए गए हैं। तो मेरा सवाल है कि आप कानून व्यवस्था सुधारना चाहते हो या बिगाड़ना चाहते हो, समझ से परे है।
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ट्रांसफर को बनाया मुनाफे का सौदा
जीतू पटवारी ने दावा किया है कि प्रदेश के हर विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग माफिया सक्रिय हैं। 'पैसा दो और पोस्टिंग लो', वाली व्यवस्था ने ईमानदार अफसरों को किनारे कर दिया है। उन्होंने मांग की है कि सरकार इस पर श्वेतपत्र जारी करे और सीबीआई जांच कराए।