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Sheopur: कूनो नेशनल पार्क में वर्षों बाद दिखा कैराकल, जैव विविधता को मिली नई पहचान; सीएम यादव ने जताई खुशी

Sat, 06 Jun 2026 04:28 PM IST
श्योपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर

सार

Sheopur: कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है।जिस कूनो नेशनल पार्क को देश में चीता पुनर्वास परियोजना के लिए जाना जाता है, वहीं अब एक और दुर्लभ वन्यजीव की मौजूदगी दर्ज हुई है।
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कूनो में दुर्लभ प्रभारी का वन्यप्राणी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है।जिस कूनो नेशनल पार्क को देश में चीता पुनर्वास परियोजना के लिए जाना जाता है, वहीं अब एक और दुर्लभ वन्यजीव की मौजूदगी दर्ज हुई है।कैमरा ट्रैप सर्वे के दौरान पार्क में दुर्लभ जंगली बिल्ली प्रजाति कैराकल की तस्वीर कैद हुई है। विशेषज्ञ इसे कूनो की समृद्ध जैव विविधता और बेहतर होते पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत मान रहे हैं।
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मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में लगाए गए कैमरा ट्रैप ने वन्यजीव प्रेमियों को बड़ी खुशखबरी दी है।सर्वेक्षण के दौरान एक दुर्लभ और रहस्यमयी जंगली बिल्ली प्रजाति कैराकल की तस्वीर रिकॉर्ड हुई है।कैराकल अपनी तेज रफ्तार, लंबी छलांग और कानों पर मौजूद काले गुच्छेदार बालों के लिए जाना जाता है। यह प्रजाति भारत में बेहद कम दिखाई देती है, इसलिए इसकी मौजूदगी को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कई वर्षों बाद इस क्षेत्र में कैराकल का दिखना इस बात का संकेत है कि कूनो का प्राकृतिक आवास दुर्लभ वन्यजीवों के लिए अनुकूल बन रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज न केवल क्षेत्र की जैव विविधता को मजबूत करती है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण प्रयासों की सफलता को भी दर्शाती है।
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सीएम यादव ने जताई खुशी
इस उपलब्धि पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी खुशी जताई है।उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रकृति ने संरक्षण और पर्यावरण संतुलन का सकारात्मक संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों की बड़ी उपलब्धि बताया।



कूनो नेशनल पार्क पहले ही चीता संरक्षण परियोजना के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। अब कैराकल जैसी दुर्लभ प्रजाति की मौजूदगी ने इस पार्क के महत्व को और बढ़ा दिया है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि यह खोज भविष्य में कैराकल संरक्षण की रणनीतियों को मजबूत बनाने और उसके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने में मददगार साबित होगी।कूनो नेशनल पार्क में कैराकल की वापसी ने यह साबित कर दिया है कि संरक्षण के प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। चीते के बाद अब कैराकल की दस्तक ने कूनो को देश के सबसे महत्वपूर्ण वन्यजीव संरक्षण क्षेत्रों में और मजबूती से स्थापित कर दिया है।

 

 

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