राज्य साइबर सेल की ग्वालियर जोन की टीम ने शाजापुर से एक महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की है। ग्वालियर के चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय को क्रिप्टो में निवेश का झांसा देकर 21 करोड़ पांच लाख 92 हजार रुपये की ठगी के मामले में शाजापुर जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय को मंगलवार रात को गिरफ्तार किया गया।
ग्वालियर की साइबर पुलिस ने एसपी प्रियंका शुक्ला को मालवीय की गिरफ्तारी की जानकारी दी। एसपी ने स्थानीय पुलिस को सहयोग करने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम ने मालवीय को शाजापुर कोतवाली लाकर पूछताछ की और फिर उसे ग्वालियर ले गई। मालवीय के खाते में ठगे गए 21.06 करोड़ रुपये में से 50 लाख रुपये उसके बैंक खाते में गए थे। साइबर पुलिस ने उसे पकड़कर ग्वालियर में कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मालवीय ने म्यूल खातों से जुड़े इंटरस्टेट गैंग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जिस पर टीम काम कर रही है। इस जानकारी के आधार पर एक टीम कर्नाटक और तमिलनाडु के लिए रवाना हुई है।
ये भी पढ़ें-
गोद लेने के बहाने बच्चियों से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी प्यारे मियां के खिलाफ साक्ष्य पूरे, शुक्रवार को अंतिम बयान
यह मामला मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी के रूप में सामने आया है। साइबर सेल की टीम निरीक्षक मुकेश कुमार नारोलिया के नेतृत्व में शाजापुर पहुंची थी। उनके साथ उप निरीक्षक शैलेंद्र राठौर और अन्य सदस्य भी शामिल थे। मामले की शुरुआत एक दिसंबर को हुई, जब ग्वालियर के 70 वर्षीय चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय को दिव्या सिंह नाम की महिला का फोन आया। महिला ने दोस्ती कर क्रिप्टो में निवेश का झांसा दिया। इसके बाद विजयवर्गीय ने अलग-अलग बैंक खातों में 21 करोड़ रुपये जमा किए। जब पैसे निकालने का प्रयास किया गया, तो और रुपये मांगे गए, जिससे ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद एफआईआर दर्ज कराई गई।
राज्य साइबर सेल टीआई मुकेश नारोलिया ने बताया कि शाजापुर से एक आरोपित की गिरफ्तारी हुई है, जिसके खाते में 50 लाख रुपये गए थे। रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, जिसमें साइबर अपराध से जुड़े गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
मंत्री के साथ आरोपी जगदीश कुमार मालवीय