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Shajapur News: शिकायत करने पर प्रसूता के परिजनों को डॉक्टर ने दी धमकी, सिविल सर्जन के पास पहुंचा मामला

Sat, 27 Jul 2024 09:30 AM IST
शाजापुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर

सार

परिजनों ने शिकायती आवेदन में कहा कि शिकायत करने से डॉक्टर भावेश मोटवानी नाराज हैं, अंदेशा है कि वह बच्ची के इलाज में लापरवाही बरत सकते हैं, यदि इलाज के दौरान बच्ची को कुछ हुआ तो उसके जिम्मेदार डॉ. मोटवानी होंगे। 
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सिविल सर्जन से शिकायत करते हुए परिजन
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विस्तार
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शाजापुर का जिला अस्पताल अब नवजात बच्चों को गंभीर बताकर रेफर करने को लेकर सुर्खियों में है। नवजात गहन चिकित्सा इकाई के डॉक्टर मोटवानी अपनी मनमानी और गलती से बाज आने की बजाय परिजनों को धमकाने का काम कर रहे हैं। इससे परेशान पीड़ित परिवार ने सिविल सर्जन को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई करने की मांग की है।
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दरअसल, गुरुवार को  झोंकर गांव की रहने वाली नजमा बी पति शेरू खान परिवार के साथ सिविल सर्जन एमके जोशी के पास पहुंची और एक शिकायती आवेदन दिया। जिसमें नजमा ने बताया कि 23 जुलाई को उन्होंने अपनी बहू नीलो पति फरदीन को प्रसव के लिए जिला अस्पताल शाजापुर में भर्ती कराया था। बहू ने बेटी को जन्म दिया, जिसका स्वास्थ्य खराब होने पर आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया। अगले दिन 24 जुलाई को जिला अस्पताल के डॉक्टर भावेश मोटवानी ने कहा कि बच्ची की तबीयत खराब है, उसे प्राइवेट अस्पताल या फिर इंदौर लेकर जाओ। नजमा ने इसकी शिकायत जिला अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों से मौखिक रूप से की।

नजमा बी ने बताया कि इसके बाद बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल के आईसीयू वार्ड में ही रखा गया, लेकिन 25 जुलाई को डॉक्टर भावेश मोटवानी ने आकर धमकी दी कि तुमने मेरी शिकायत की है। अब मैं तुम्हारे खिलाफ कोर्ट में कैसे करूंगा और मेरे आधार कार्ड की फोटो कॉपी जमा करवा ली। परिजनों ने आवेदन में बताया कि डॉक्टर भावेश मोटवानी मेरे द्वारा की गई मौखिक शिकायत से नाराज हैं, जिससे अंदेशा है कि वह बच्ची के इलाज में लापरवाही बरत सकते हैं, यदि इलाज के दौरान बच्ची को कुछ हुआ तो उसके जिम्मेदार डॉक्टर मोटवानी होंगे। उक्त मामले में डॉक्टर मोटवानी के खिलाफ कार्रवाई करने और बच्ची का शाजापुर अस्पताल में ही इलाज किए जाने की मांग की गई है।
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इधर, परिजनों के साथ भीम आर्मी कार्यकर्ता भी सिविल सर्जन से मिलने पहुंचे। जहां उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल से आए दिन प्रसूताओं को प्राइवेट अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है, यदि मामले में परिवार को न्याय नहीं मिलता है तो जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। 
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