शाजापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र निवासी न्यायालय कर्मचारी योगेश शर्मा से कमीशन के नाम पर 31 लाख 3 हजार 639 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के अनुसार उसकी पहचान सांपखेड़ा निवासी सुरेश प्रजापति से एक मित्र के माध्यम से हुई थी। आरोप है कि सुरेश ने उसे एक ऑनलाइन कंपनी के माध्यम से सामान की डिलीवरी के ऑर्डर पूरे करने पर 15 से 20 प्रतिशत कमीशन मिलने का झांसा दिया। अधिक राशि लगाने पर अधिक मुनाफा होने की बात कहकर उसने पीड़ित से अलग-अलग तारीखों में रकम ट्रांसफर करवाई।
पीड़ित ने शुरुआत में अक्टूबर 2025 में अपने क्रेडिट कार्ड और बैंक खातों से सुरेश के बताए मोबाइल नंबर और विभिन्न यूपीआई आईडी पर रकम भेजी। इसके बाद नवंबर 2025 से मार्च 2026 तक अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर लगातार भुगतान कराया गया। शिकायत के मुताबिक, सुरेश के मोबाइल नंबर पर कुल 3,18,988 रुपये, जबकि अन्य खातों में कुल 27,84,651 रुपये जमा करवाए गए।
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इस तरह पीड़ित से कुल 31,03,639 रुपये ट्रांसफर करवाए गए। रकम देने के बाद जब पीड़ित ने अपना मूलधन और कमीशन मांगा तो आरोपी कथित तौर पर नए ऑर्डर आने और अधिक कमीशन मिलने का हवाला देकर उसे टालता रहा। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद उसकी बात एक युवती से कराई गई, जिसने अपना नाम जिया उर्फ अमृता गुप्ता बताया और खुद को संबंधित कंपनी में काम करने वाली बताया। आरोप है कि युवती ने भी रकम वापस करने के बजाय टालमटोल की। बाद में दूसरे मोबाइल नंबर से बात कर कथित तौर पर मूलधन और कमीशन प्राप्त करने के लिए कुल रकम की 30 प्रतिशत अतिरिक्त राशि ट्रांसफर करने की मांग की गई।
इसके बाद पीड़ित को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। उसने मामले की शिकायत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर की। एफआईआर दर्ज कर कोतवाली पुलिस द्वारा लेन-देन से जुड़े बैंक खातों, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है।