शाजापुर कलेक्टर दिनेश जैन गुरुवार को जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया का परीक्षण करने निकले। जांच के दौरान उन्हें कार्ड बनाए जाने में सुस्ती और लापरवाही के हालात नजर आए। जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कार्ड बनाने वाली एजेंसी के जिला समन्वयक को हटाने के निर्देश देने के साथ बीसीएच और बीसीएम पर कार्रवाई करने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को कहा। काम में सुस्ती बरतने को लेकर रोजगार सहायकों का एक-एक सप्ताह का वेतन भी काटा जाएगा। कलेक्टर गुरुवार को ग्राम तिलावद गोविंद एवं सुंदरसी पहुंचे और यहां आकस्मिक निरीक्षण किया। उनके साथ एसडीएम नरेन्द्र नाथ पाण्डेय सीएमएचओ राजू निदारिया व अन्य अधिकारी भी थे।
दरअसल आयुष्मान भारत "निरामय" योजना के तहत जिले में सभी पात्र नागरिकों को आयुष्मान कार्ड बनाकर दिया जाना है। शेष रहे नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए जिले में गुरुवार और शुक्रवार को विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ग्राम तिलावद गोविंद एवं सुंदरसी में आयुष्मान कार्ड बनाने की गतिविधि देखने पहुंचे कलेक्टर को लापरवाही देखने को मिली। शासन स्तर के अभियानों को कलेक्टर बहुत गंभीरता से लेते हैं और जिले में बेहतर काम भी होता है। किंतु स्वास्थ्य विभाग के तहत बनने वाले आयुष्मान कार्ड में सुस्ती बरती जा रही है।
बीएमओ के कार्य पर भी जताया असंतोष
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर जैन ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ब्लॉक मेडीकल ऑफिसर के कार्य को लेकर भी असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि बीएमओ को अपने क्षेत्र में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग करना चाहिए। नियमित भ्रमण कर अधीनस्थ स्टाफ के कार्यों की समीक्षा करना चाहिये। दोनों ग्रामों में आयुष्मान कार्ड कितने लोगों के बन गए हैं और कितने लोगों के बनाए जाना है। यही बीएमओ को पता नहीं है, जिससे शासन के अभियानों के प्रति उनकी उदासीनता जाहिर हो रही है। साथ ही सर्वे करने वाले दल को यह भी पता नहीं था कि किनका सर्वे किया जाना है। कलेक्टर ने सीएमएचओ निदारिया को भी निर्देश दिए कि वे नए सिरे से सभी लोगों को प्रशिक्षित कराएं और आयुष्मान कार्ड बनाने की गति में तेजी लाएं।