सोशल मीडिया पर अपने ट्रैफिक जागरूकता वीडियो के कारण देशभर में पहचान बना चुके शहडोल के ट्रैफिक हवलदार विवेकानंद तिवारी एक बार फिर पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देंगे। सस्पेंशन और इस्तीफे के घटनाक्रम के बाद अब उन्होंने दोबारा ड्यूटी ज्वाइन करने का निर्णय लिया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब वह वर्दी पहनकर सोशल मीडिया के लिए वीडियो नहीं बनाएंगे। ड्यूटी पूरी होने के बाद सिविल ड्रेस में ही यातायात जागरूकता से जुड़े वीडियो तैयार करेंगे।
स्वास्थ्य अवकाश के दौरान हुए थे निलंबित
विवेकानंद तिवारी ने बताया कि कुछ समय पहले स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते उन्होंने मेडिकल लीव ली थी। विभागीय प्रक्रिया में त्रुटि के कारण उन्हें ड्यूटी से अनुपस्थित माना गया और 4 जून को पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने उन्हें निलंबित कर दिया। यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना। इसी दौरान उनकी पत्नी के बैंक खाते की जांच के भी आदेश दिए गए, जिससे वह मानसिक रूप से काफी आहत हुए।
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इस्तीफा दिया, विभाग ने नहीं किया स्वीकार
घटनाक्रम से दुखी होकर विवेकानंद तिवारी ने 10 जून को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। हालांकि पुलिस विभाग ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और उन्हें पुनर्विचार का अवसर दिया। विभाग की पहल के बाद उन्होंने दोबारा सेवा में लौटने का निर्णय लिया है।
ड्यूटी के बाद सिविल ड्रेस में बनाएंगे वीडियो
अमर उजाला से विशेष बातचीत में विवेकानंद तिवारी ने कहा कि उनका सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता अभियान पहले की तरह जारी रहेगा, लेकिन अब वीडियो केवल ड्यूटी समाप्त होने के बाद सिविल ड्रेस में बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्दी में वीडियो बनाने से कई बार यह भ्रम होता था कि वह ड्यूटी के दौरान ही सोशल मीडिया कंटेंट बना रहे हैं। इसलिए अब ड्यूटी के समय केवल पुलिस कार्य करेंगे और बाद में अलग से जागरूकता अभियान चलाएंगे।
विवेकानंद तिवारी सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय हैं। विभिन्न प्लेटफॉर्म पर उनके डेढ़ करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं और उनके यातायात जागरूकता वीडियो करोड़ों लोगों तक पहुंचते हैं। अब उनके दोबारा ड्यूटी पर लौटने से विभाग के साथ-साथ उनके समर्थकों में भी उत्साह है।