जंगल में शिकार की तैयारी कर रहे एक आरोपी को एमपी एसटीएफ की टीम ने ब्यौहारी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कटनी निवासी शेरु पारधी के रूप में हुई है। जांच में उसका कनेक्शन बाघों का शिकार करने वाले एक ऐसे गिरोह से सामने आया है, जो वन्यजीवों के अंगों की तस्करी कर उन्हें देश से बाहर भेजने का काम करता था। कार्रवाई के दौरान आरोपी के साथ मौजूद उसकी महिला साथी बिनौरी बाई को भी पकड़ा गया है।
डेढ़ साल से तलाश कर रही थी टीम
एमपी एसटीएफ की क्षेत्रीय इकाई जबलपुर लंबे समय से आरोपी शेरु पारधी की तलाश कर रही थी। सूचना मिलने पर टीम ने ब्यौहारी इलाके में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान उसके पास से छुरी, चाकू, कुल्हाड़ी और पक्षी पकड़ने का जाल बरामद किया गया। इसके आधार पर आशंका जताई जा रही है कि आरोपी जंगल में शिकार की तैयारी कर रहा था।
बालाघाट के बाघ शिकार मामले से जुड़ा कनेक्शन
जांच में सामने आया है कि शेरु पारधी उस गिरोह का हिस्सा रहा है, जिस पर बालाघाट में बाघ का शिकार करने का आरोप है। बाघ के अंगों को अलग-अलग माध्यमों से दूसरे राज्यों तक पहुंचाने के बाद अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए म्यांमार और फिर चीन समेत अन्य देशों तक भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। एजेंसी अब गिरोह के पूरे नेटवर्क और तस्करी के रास्तों की जांच कर रही है।
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आठ आरोपी पहले ही हो चुके गिरफ्तार
एमपी एसटीएफ के मुताबिक, इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनकी गिरफ्तारी पंजाब के होशियारपुर, हरियाणा के सोनीपत, हिमाचल प्रदेश के बद्दी और मध्यप्रदेश के कटनी से हुई है। जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि गिरोह के सदस्य वर्ष 2024-25 के दौरान मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तराखंड में भी बाघों के शिकार से जुड़े रहे हैं।
कई राज्यों में दर्ज हैं वन अपराध
शेरु पारधी कुख्यात बाघ तस्कर अजीत पारधी का भाई बताया गया है। उसके खिलाफ कर्नाटक में वर्ष 2002 और महाराष्ट्र में वर्ष 2013 में वन अपराध के मामले दर्ज हैं। इनमें से एक मामले की जांच सीबीआई द्वारा किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जबलपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की फॉरेस्ट रिमांड पर भेज दिया गया है।