शहडोल जिले के विकासखंड सोहागपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत उधिया में स्थित ये स्कूल अलग मिसालें लिख रहा है। प्राथमिक विद्यालय बैगन टोला के प्रधान अध्यापक के जुनून ने इस विद्यालय की तस्वीर बदल दी है। वर्तमान में इस स्कूल का परिदृश्य किसी गुरुकुल से कम नजर नहीं आता। यहां शिक्षा अध्ययन के लिए आने वाले ग्रामीण बच्चों को बेहतर पर्यावरणीय माहौल में अध्ययन करते हैं। यहां की व्यवस्था को लेकर राज्य जिला और संभाग स्तर पर कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं।
1997 में शुरू हुआ स्कूल
शासकीय प्राथमिक विद्यालय बैगन टोला ग्राम उधिया का संचालन वर्ष 1997 से वैकल्पिक विद्यालय के रूप में हुआ था। तब से लेकर आज तक इस विद्यालय ने विकास के नए सोपान तय किए हैं। वर्तमान में विद्यालय में 90 विद्यार्थी अध्यनरत है, जिन्हें तीन शिक्षकों द्वारा अध्यापन कार्य कराया जा रहा है।
योग प्राणायाम से लेकर मध्याह्न भोजन सब व्यवस्थित
इस विद्यालय में मध्याह्न भोजन से लेकर शिक्षा शारीरिक शिक्षा योग प्राणायाम खास बनाते हैं। विद्यालय में मध्यान भोजन के लिए छोटे-छोटे टेबल की व्यवस्था की गई है। इन टेबल को प्रधान अध्यापक ने अपने पैसों से ही खरीदा है। जमीन में बैठकर बच्चे थाली उसे टेबल में रखकर भोजन करते हैं। सुबह योग प्राणायाम से कक्षा की शुरुआत होती है।
सौंदर्य करण में शिक्षक ने स्वयं से खर्च किए ढाई लाख रुपए
इस स्कूल को खास बनाने में विद्यालय के शिक्षक नंदकुमार यादव की अहम भूमिका रही है। वह बिना किसी अन्य के मदद के विद्यालय के सौंदर्य और शिक्षा के स्तर को सुधारने में लगे हुए हैं। उनके द्वारा स्वयं ढाई लाख रुपए खर्च कर विद्यालय को नया रूप दिया गया है। पेड़ पौधे और बागवानी के अलावा सब साथ सब्जियां भी उगाई जाती है जो बच्चों के मध्यान भोजन में काम आता है।
कम ही प्राथमिक विद्यालय होंगे, जहां बच्चों को बैठने के लिए कुर्सी टेबल की व्यवस्था है। लेकिन शिक्षक नंदकुमार यादव ने कई ऐसे संस्थानों से कुर्सी टेबल एकत्रित किए जो अनुपयोगी थे, उनकी मरम्मत कराई और बैठने के लायक बनाया। शिक्षक नंदकुमार यादव ने बताया कि कई ऐसे संस्थानों से उन्होंने कुर्सी टेबल को खरीदा और उसे मरम्मत कराकर उपयोग करने योग बनवाया जिसमें उनके हजारों रुपए लगे।
कंप्यूटर भी सीख रहे बच्चे
शिक्षक नंदकुमार यादव का जब इतने में भी मन नहीं भरा तो उन्होंने स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को कंप्यूटर सीखने के लिए अपने ही खर्च से चार कंप्यूटर खरीद लिए। जिससे विद्यालय में बच्चों को आधुनिक शिक्षा भी देने का प्रयास किया जा रहा है।
कंप्यूटर की शिक्षा विद्यालय में नि: शुल्क ग्रुप में प्रदान की जा रही है। सामान्य ज्ञान को बढ़ाने के लिए अलग से कोचिंग की व्यवस्था भी यहां की गई है। कंप्यूटर को बच्चे चलाने के साथ-साथ उसमें टाइपिंग व अन्य जरूरी चीजें भी सीख रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय बैगन टोला उधीया में बागवानी में उगाई गई सब्जियां बच्चों के एमडीएम भोजन में उपयोग की जाती है। प्रधान अध्यापक नंदकुमार का कहना है कि बच्चों को अच्छा आहार मिले जिसको लेकर हमने यहां सब्जी लगवाई है। इस विद्यालय में कुल तीन शिक्षक पदस्थ हैं,जो बच्चों को पढ़ने में काफी मेहनत करते हैं।
प्रधान अध्यापक नंदकुमार यादव से जब अमर उजाला ने बात की तो उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को लेकर लोगों की मानसिकता बहुत गलत है, जिसको लेकर हमने एक छोटा सा प्रयास किया और अपने विद्यालय की तस्वीर बदल दी। गांव के लोग अपने बच्चों को यहां पढ़ने के लिए खुशी से भेजते हैं। कोई बाहरी व्यक्ति अगर स्कूल के सामने से गुजरता है तो वह स्कूल के अंदर जरूर आकर इन व्यवस्थाओं को देखता है हमें इतने में ही खुशी मिलती है।
इन्होंने क्या कहा…
स्कूल के वातावरण को शिक्षा के योग्य बनाने में शासकीय प्राथमिक विद्यालय बैगान टोला के शिक्षक नंदकुमार यादव ने बेहतर काम किया है। प्रदेश स्तर तक गांव की स्कूल को सम्मानित किया गया, यह पंचायत के लिए गर्व की बात है।
सचिव मनोज सिंह
ग्राम पंचायत उधिया का शासकीय प्राथमिक विद्यालय बैगान टोला जिले के आदर्श विद्यालयों में से एक है। जहां ग्रामीण विद्यार्थियों को शिक्षा का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया गया है। शिक्षक नंदकुमार यादव का कार्य बेहतर है। विद्यालय को नियम अनुसार राशि मिलती है, उससे ज्यादा खर्च कर वहां के स्थिति को संभाल गया है यह सराहनीय है।
डीपीसी अमरनाथ सिंह का बयान