मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को शहडोल जिले के ब्यौहारी को कई बड़ी सौगातें दी। मुख्यमंत्री ने एलान किया कि हम ब्यौहारी को मिनी स्मार्ट सिटी बनाएंगे। बाणसागर में इसी साल से कॉलेज खोला जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का विकास और जनता का कल्याण ही मेरी जिंदगी का मकसद है। इसे पूरा करने के लिए मुझे सबका सहयोग चाहिए। प्रदेश में बहन-बेटियों की जिंदगी संवारने के लिए सामाजिक क्रांति चल रही है। यदि बहनें सुखी हैं तो मेरी जिंदगी सफल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहना योजना एक सामाजिक क्रांति है। यह बहनों की जिंदगी में सम्मान लाएगी। उनका आत्म-विश्वास बढ़ेगा। काफी सोच-विचार के बाद यह योजना बनाई है। इसमें बहनों के खाते में हर माह एक हजार रुपये दिए जाएंगे। ऐसे परिवारों की 23 से 60 वर्ष तक की बहनों को इस योजना का लाभ मिलेगा, जिनकी वार्षिक आय ढाई लाख से कम हो, भूमि पांच एकड़ से कम हो और चार पहिया वाहन न हो। योजना के लिए हर वार्ड और गाँव में शिविर लगाए जाकर फार्म भरे जाएंगे। फार्म भरने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। यदि इसके बाद भी नाम छूट गए तो उन्हें भी जोड़ा जाएगा। हर पात्र बहन को योजना का लाभ मिलेगा। योजना में बहनों का केवाईसी कराना आवश्यक है। इसके लिए सरकार प्रति केवाईसी 15 रूपये केवाईसी करने वालों को देगी। केवाईसी राशन की दुकान, कॉमन सर्विस सेंटर और एमपी ऑनलाइन पर करवाया जा सकता है। इसके लिए यदि बहन को दूसरे गांव जाना पड़े, तो उसके लिए गाड़ी की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी बहन किसी भी व्यक्ति को एक भी रुपया न दे। यदि कोई मांग करता है तो सीधे 181 पर शिकायत करें, उस व्यक्ति को जेल भेजा जाएगा।
वनमंत्री का दावा- तेंदूपत्ता संग्राहकों को भी मिलेगा लाड़ली बहना का लाभ
वन मंत्री कुंवर डॉ. विजय शाह ने कहा कि प्रदेश में बच्चे के जन्म से लेकर अंतिम संस्कार तक की योजनाएं संचालित जा रही हैं। हाल ही में प्रदेश में शुरू की गई लाड़ली बहना योजना का लाभ लगभग सभी तेंदूपत्ता संग्राहक बहनों को मिलेगा। केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि लाड़ली बहना जैसी योजनाओं से मुख्यमंत्री ने नया इतिहास रचा है। प्रदेश के जनजातीय विकासखंडों में पेसा नियम का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन सभी अनूठी पहल के लिए मुख्यमंत्री बधाई के पात्र हैं। सांसद रीति पाठक और विधायक शरद कोल ने भी संबोधित किया। जनजाति कल्याण मंत्री मीना सिंह, शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राम खेलावन पटेल सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे।