शहडोल जिला अस्पताल में शॉर्ट सर्किट के बाद बच्चों को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कर दिया गया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से एक हफ्ता पहले शहडोल में स्व कुशाभाऊ ठाकरे शासकीय जिला चिकित्सालय के अति-संवेदनशील माने जाने वाले गहन शिशु चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू ) में शॉर्ट सर्किट हो गया। इससे अफरा-तफरी मच गई। बड़ी अनहोनी से पहले वहां भर्ती दर्जनभर बच्चों को आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज शिफ्ट कर दिया गया। इन सभी बच्चों का इलाज अब मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
सूत्रों के अनुसार घटना रविवार रात की है। शॉर्ट सर्किट होने से चिंगारियां निकलने लगी थी। तब अस्पताल प्रबंधन मुश्किल में फंस गया था। किसी तरह मेडिकल कॉलेज से संपर्क कर बच्चों को वहां रैफर किया गया। अगर मेडिकल कॉलेज न होता तो ऐसी स्थिति मे इन बच्चों की जान पर बन आती। ऐसी घटनाओ के पीछे अस्पताल प्रबंधन का कुप्रबंधन नजर आ रहा है। इससे पहले भी शॉर्ट सर्किट की कई घटनाएं जिला अस्पताल में हो चुकी है। पुरानी वायरिंग और बिजली फिटिंग की मरम्मत के नाम पर तो लाखों रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन इस तरह की घटनाओं पर विराम नहीं लगा।
मेडिकल कॉलेज में बढ़ा लोड
मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में 20 बेड व पीआईसीयू मे 10 बेड की क्षमता है। वहां स्टाफ भी इसी के अनुसार तैनात है। रविवार रात को जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू वार्ड मे शॉर्ट सर्किट के बाद जिला अस्पताल से 12 बच्चों को मेडिकल कॉलेज रैफर किया गया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में कुल क्षमता 20 बेड से अधिक 41 तथा पीआईसीयू मे 10 की जगह 12 बच्चों को भर्ती करना पड़ा। मेडिकल कॉलेज के उक्त दोनों वार्ड में स्टाफ की कमी महसूस हो रही है।