शहडोल में लगातार खराब मौसम जानलेवा साबित हो रहा है। पिछले तीन दिनों में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो चुकी है। ताजा घटनाओं में गोहपारू और ब्यौहारी थाना क्षेत्रों में मवेशी चराने गए दो बुजुर्गों की बिजली गिरने से मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक का माहौल है।
शहडोल में लगातार खराब मौसम जानलेवा साबित हो रहा है। पिछले तीन दिनों में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो चुकी है। ताजा मामलों में गोहपारू और ब्यौहारी थाना क्षेत्रों में मवेशी चराने गए दो बुजुर्गों की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
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मवेशी लौट आए, महिला नहीं पहुंची घर
गोहपारू थाना क्षेत्र के उमरिया गांव निवासी इंदरनिया यादव (70), पति स्वर्गीय भोला यादव, शनिवार दोपहर मवेशी चराने बदरा जंगल गई थीं। शाम को तेज आंधी और बारिश शुरू होने पर मवेशी तो अपने आप घर लौट आए, लेकिन महिला घर नहीं पहुंचीं। बारिश थमने के बाद परिजन उनकी तलाश में निकले। घर से करीब दो किलोमीटर दूर सरई के पेड़ के नीचे इंदरनिया का शव मिला। आशंका है कि बारिश से बचने के लिए वह पेड़ के नीचे खड़ी थीं, तभी आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
ब्यौहारी में जंगल में मिला बुजुर्ग का शव
इसी तरह ब्यौहारी थाना क्षेत्र के बनासी गांव निवासी गोविंद सिंह (62), पिता बदन सिंह, शनिवार को मवेशी चराने जंगल गए थे। देर शाम तेज आंधी और बारिश के दौरान मवेशी घर लौट आए, लेकिन गोविंद सिंह वापस नहीं आए। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की तो बनासी जंगल में छूहला के पेड़ के नीचे उनका शव मिला। प्रारंभिक जांच में उनकी मौत भी आकाशीय बिजली गिरने से होना सामने आया है।
तीन दिन में चार लोगों की मौत
दोनों मामलों में पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की और रविवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। इससे पहले भी जिले के जैतपुर और जयसिंहनगर थाना क्षेत्रों में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक बुजुर्ग महिला और एक 11 वर्षीय बालिका की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और जंगलों में जाने से बचने तथा मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की अपील की है।