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Shahdol News: शहडोल का जीवन ज्योति अस्पताल सील, बिना लाइसेंस हो रहा था संचालित

सार

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में प्रशासन ने बिना लाइसेंस और अवैध तरीके से संचालित हो रहे अस्पतालों पर कार्रवाई की है। इसी कड़ी में जीवन ज्योति अस्पताल को सील कर दिया गया है। 
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शहडोल में जीवन ज्योति अस्पताल को किया सील। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहडोल में कमिश्नर और कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने अवैध क्लीनिक, अस्पताल और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। अमलाई स्थित जीवन ज्योति अस्पताल को सील कर दिया गया है। वह बिना लाइसेंस के संचालित हो रहा था। पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य विभाग झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध अस्पतालों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। 

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अमलाई स्थित जीवन ज्योति अस्पताल, जिसका लाइसेंस निरस्त हो चुका था, फिर भी संचालित हो रहा था। स्थानीय लोगों की शिकायत पर वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और अस्पताल में छापा मारा। लाइसेंस की मांग करने पर पता चला कि अस्पताल का लाइसेंस निरस्त था और मरीज भर्ती थे। इसके बाद सीएमएचओ की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। इस कार्रवाई का नेतृत्व डीएचओ डॉक्टर राजेश मिश्रा ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर बुढार के साथ किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर ऐके लाल ने कहा कि लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन कार्यवाही करने वाले अधिकारियों की संख्या सीमित है। एक दिन में दो स्थानों पर ही कार्रवाई हो पा रही है। ऑपरेशन थिएटर चलाने वाले बंगाली झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और टीम जल्द ही वहां पहुंचेगी। स्वास्थ्य विभाग की इस सख्त कार्रवाई से अवैध क्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टरों पर शिकंजा कसा जा रहा है, जिससे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

यहां भी हुई कार्रवाई 

  • झींक बिजुरी में एक बंगाली डॉक्टर बिना वैध लाइसेंस के अस्पताल और ऑपरेशन थिएटर चला रहा था। ग्रामीणों ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर और सीएमएचओ को इसकी शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है। यह अस्पताल पुलिस चौकी के समीप स्थित है और इसकी अवैध गतिविधियों की खबरें पहले भी सामने आई हैं।
  • सोहागपुर गढ़ी में कई झोलाछाप डॉक्टर बिना किसी योग्यतापत्र के चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। यह न केवल मरीजों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि कानून का भी उल्लंघन है।
  • छतवाई उप स्वास्थ्य केंद्र के सामने भी झोलाछाप डॉक्टर बिना प्रशिक्षण और लाइसेंस के मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
  • गोहापरू बस स्टैंड के समीप एक बंगाली डॉक्टर बिना उचित योग्यता और लाइसेंस के अस्पताल चला रहा है। इस अस्पताल की अवैध गतिविधियों की खबरें पहले भी प्रकाशित हो चुकी हैं।
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