जिले में आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, बीते कुछ माह के अंदर बस हादसों मे भी इजाफा हुआ है, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार परिवहन विभाग आंख बंद किए हुए है, नियम कायदे को ताक में रखकर परिवहन विभाग इन्हे परमिट जारी कर देता है। वहीं अब इन हादसों को देखते हुए जिले का यातायात अमला सक्रिय हो गया है। जिले के ब्योहारी में हुए बस हादसे के बाद यातायात विभाग सक्रिय हो गया है और लगातार यात्री बसों की जांच कर चालानी कार्रवाई की जा रही है।
कुछ माह के अंदर ही तीन बस दुर्घटना ग्रस्त हुई हैं, जिसके बाद परिवहन विभाग तो कुम्भकरणीय नींद में सोया रहा, लेकिन यातायात पुलिस सक्रिय हो गई है। ब्योहारी में बीते दिनों हुए हादसे के बाद डीएसपी मुकेश दीक्षित के नेतृत्व में लापरवाह व नियम विरुद्ध सड़कों पर दौड़ने वाली यात्री बसों व अन्य वाहनों पर कार्रवाई कर जुर्माने की राशि वसूल की जा रही है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए यातायात डीएसपी दीक्षित ने बताया कि अब तक नियम विरुद्ध चल रही 30 यात्री बसों पर कार्रवाई कर 15 हजार का जुर्माना वसूल किया गया है। डीएसपी दीक्षित ने अपनी टीम के साथ न्यू बस स्टैंड पहुंचकर यात्री बसों की जांच की, जिसमें बिना फास्ट ट्रैक एवं बिना फायर फाइटर जैसे चीजों के बसों का संचालन करते पाए जाने पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूल किया गया।
परिवहन विभाग कर रहा अनदेखी
कुछ दिन पूर्व ही जिले के ब्योहारी हनुमान घाटी के पास बस हादसा हुआ था गनीमत यह रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई थी पूर्व में भी बस हादसे हो चुके हैं, लेकिन परिवहन विभाग मामले को जानकर भी अनदेखा कर रहा है। आए दिन हो रही बस दुर्घटनाओं के बाद भी आरटीओ आशुतोष सिंह भदौरिया के द्वारा अब तक बसों की न तो जांच की जा रही है और न उन पर कार्रवाई की जा रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि आरटीओ विभाग ने बस संचालकों को खुली छूट दे रखी है, जिसकी वजह से बस संचालक नियमों को ताक पर रखकर बसों को सड़कों पर दौड़ा रहे हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।