छात्रवृत्ति वितरण में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई करते हुए शहडोल कलेक्टर ने संकुल प्राचार्यों का जनवरी माह का वेतन रोक दिया है। प्राचार्यों ने अब तक शिक्षा पोर्टल पर छात्रवृत्ति स्वीकृति का कार्य केवल 47 प्रतिशत ही पूरा किया है, इसलिए यह सख्त कार्रवाई की गई। वहीं, शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक समेकित छात्रवृत्ति के अंतर्गत आवेदन तथा छात्रवृत्ति स्वीकृति का कार्य पूरा नहीं होने पर कई बार निर्देश देने के बावजूद कार्य पूरा नहीं किया गया। इसके अलावा एम.पी.टॉस्क पोर्टल पर छात्रवृत्ति स्वीकृति का कार्य केवल 0.05 प्रतिशत और असफल बैंक खातों का अपडेशन 54 प्रतिशत ही हो पाया है। इस कार्यप्रणाली को देखकर तो लगता है कि संकुल प्राचार्यों काम में लापरवाही कर रहे थे, जिसका नतीजा अब उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
कलेक्टर वंदना वैद्य का कहना ही कि संचालनालय से जिला शिक्षा अधिकारी को एससीएन आ गया था और एक वेतन वृद्धि रोकने का नोटिस आ गया था। समेकित छात्रवृत्ति, नामांकन प्रोफाइल अपडेशन, सेंक्शन और एमपी टॉस्क पोर्टल में पोर्टल पंजीकरण, आवेदन स्वीकृति व मंजूरी का कार्य शत प्रतिशत नहीं हुआ है, इसलिए जनवरी माह का वेतन रोक दिया गया है।