जिले के केशवाही वन परिक्षेत्र में एक बार फिर भालू के आबादी और खेतों के आसपास पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्राम गिरवा और बेलिया के आसपास भालू के विचरण की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने तत्काल निगरानी शुरू कर दी है। विभाग की दो विशेष टीमें मौके पर तैनात की गई हैं, जो भालू की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। वहीं ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए गांवों में लाउडस्पीकर से मुनादी भी कराई जा रही है।
वन विभाग के मुताबिक भालू मुख्य वन क्षेत्र से निकलकर खेतों और रिहायशी इलाकों के समीप विचरण कर रहा है। क्षेत्र में कृषि भूमि और आबादी एक-दूसरे से लगी होने के कारण मानव-वन्यप्राणी संघर्ष की आशंका बनी हुई है। इसे देखते हुए वन अमले को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
केशवाही रेंजर अंकुर तिवारी ने बताया कि भालू की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही वन विभाग की दो विशेष टीमें मौके पर भेजी गई हैं। बीट गार्ड और सुरक्षा श्रमिकों की संयुक्त टीम बनाकर भालू की लगातार ट्रैकिंग की जा रही है। टीम उसके मूवमेंट पर नजर रख रही है और ग्रामीणों को लगातार सावधान किया जा रहा है।
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वन विभाग ने ग्रामीणों और किसानों से कहा है कि वे खेतों की ओर अकेले न जाएं। विशेष रूप से शाम और रात के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें। भालू दिखाई देने पर उसे घेरने, उसके पास जाने या किसी तरह छेड़ने का प्रयास न करें।
गौरतलब है कि केशवाही वन परिक्षेत्र में इस वर्ष भालू के हमले की दो घटनाओं में दो लोगों की जान जा चुकी है। वन विभाग के अनुसार इस क्षेत्र में जिले के अन्य इलाकों की तुलना में भालुओं की संख्या अधिक है। जंगल से सटे गांवों और खेतों में अक्सर इनके पहुंचने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।