शहडोल में बंगाली डॉक्टर के यहां मिला दवाओं का जखीरा
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शहडोल में बंगाली डॉक्टर के यहां छापा मारने पहुंची स्वास्थ्य टीम के साथ अभद्रता का मामला सामने आया है। पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज किया है। टीम जब छापा मारने पहुंची तब बंगाली डॉक्टर मरीजों को भर्ती कर रहा था।
चिकित्सा अधिकारी सचिन कारखुर ने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शहडोल के आदेशानुसार समस्त बुढार ब्लॉक में प्राइवेट प्रेक्टीशनर एवं झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध निरीक्षण एवं कार्रवाई की मुहिम शुरू की गई। झींक बिजुरी गांव में झोला छाप बंगाली डॉक्टर द्वारा क्लीनिक संचालित कर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था जिसकी लगातार शिकयत मिल रही थी। बंगाली डॉक्टर ने अपने क्लीनिक में मिनी ऑपरेशन थिएटर तक खोल रखा था। बंगाली डॉ. श्यामलदास द्वारा क्लीनिक चलाए जाने की जानकारी मिलने पर शुक्रवार को टीम ने छापामार कार्रवाई की। दस्तावेज मांगने पर वह उपलब्ध नहीं करा सका। जांच दल ने तीन दिवस का नोटिस थमाया। इतने में टीम से बंगाली डॉक्टर और उसके साथियों ने टीम से अभद्रता शुरू कर दी।
पुलिस को दिए शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि डॉक्टर बंगाली के यहां निरीक्षण की कार्यवाही के लिए टीम पहुंची थी। इस दौरान बंगाली डॉक्टर के तथाकथित संरक्षक के रूप में मौके पर पहुंचे मनोज मिश्रा एवं उसके दो और लोगों ने मेडिकल निरीक्षण दल के सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया और शासकीय कार्य मे अवरोध उत्पन्न करने लगे। शिकायत पत्र में आरोपित किया गया है कि मनोज मिश्रा द्वारा गाली गलौज एवं धमकी दी गई। अधिकारी डॉ. सचिन कारखुर एवं आर के त्रिवेदी द्वारा शिकायत की प्रति कलेक्टर शहडोल, पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शहडोल को भेज कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।