अनूपपुर में घायलों से मिलने पहुंचे मंत्री
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अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गोबरी गांव में हाथी के हमले से मृत अधेड़ के बाद गोलीबारी में घायलों का मामला तूल पकड़ रहा है। शुक्रवार को घटना के पश्चात गोबरी गांव छावनी में तब्दील हो गया, जहां सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल गुरुवार की रात से ही तैनात हो गए तथा गांव में शांति व्यवस्था बनाने का प्रयास करने लगे।
घटना के पश्चात ग्रामीणों के द्वारा उप निरीक्षक त्रिलोक सिंह एवं आरक्षक राहुल चौहान के साथ की गई मारपीट के बाद पुलिस के द्वारा अपने बचाव में की गई फायरिंग में थेंगरहा निवासी राम प्रसाद पिता गोरेलाल सिंह एवं केशु सिंह पिता ज्ञान सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय में दाखिल कराया गया था, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के पश्चात कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने शहडोल मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों से स्वास्थ्य की जानकारी ली, और उनके बेहतर उपचार के निर्देश दिए गए।
हाथी के रेस्क्यू के लिए बांधवगढ़ से पहुंचेगी टीम
अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि जिस हाथी के हमले से ग्रामीण ज्ञान सिंह की मौत हो गई थी। उस हाथी का रेस्क्यू बांधवगढ़ से आई हुई टीम द्वारा किया जाएगा, जिसे बेहोश करके बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान ले जाया जाएगा। इसके लिए 35 सदस्य टीम गठित की गई है, जो कि दो दिन के भीतर हाथी का रेस्क्यू करेगी।
परिवार से मिलकर मंत्री ने जताया शोक
शुक्रवार दोपहर कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल द्वारा हाथी के हमले से मृत ज्ञान सिंह के परिजनों से मुलाकात करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया गया। इसके साथ ही 8 लाख की आर्थिक सहायता उन्हें तत्काल प्रदान की गई। साथ ही मुख्यमंत्री सहायता कोष से दो लाख की अतिरिक्त सहायता किए जाने की बात भी कही गई है। इसके साथ ही प्रभावित परिवार के एक सदस्य को रोजगार दिलाए जाने का आश्वासन भी दिया गया है।
कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने कहा कि मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। हाथी के रिस्क के लिए बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान से टीम आ रही है तथा घटना के मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए गए हैं, जो यह जांच करेगी कि आखिर गोली किसने चलाई। गोली लगने से घायल दोनों ही सुरक्षित हैं।