राजस्थान के वन्यजीव संरक्षित क्षेत्रों में बाघों के जीन-पूल को मजबूत बनाने के लिए अंतर-राज्यीय बाघ स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) से अनुमति मिलते ही मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व की एक बाघिन को मुकुंदरा टाइगर रिजर्व भेजा जाएगा। योजना है कि इस प्रक्रिया को नवंबर के अंत या दिसंबर की शुरुआत तक पूरा कर लिया जाए। बाघिन को सुरक्षित और कम समय में पहुंचाने के लिए भारतीय सेना के हेलिकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा।
पहली बाघिन जाएगी मुकुंदरा
वन विभाग के सूत्र बताते हैं कि यदि मुकुंदरा में बाघिन का व्यवहार और अनुकूलन सफल रहा, तो आगे और बड़े स्तर पर बाघों का स्थानांतरण किया जा सकता है। भविष्य में मध्यप्रदेश के पेंच और बांधवगढ़ के अलावा महाराष्ट्र के ताडोबा-अंधेरी टाइगर रिजर्व से भी बाघ और बाघिनों को राजस्थान लाने की तैयारी की जाएगी। मुख्य उद्देश्य राजस्थान में बाघों की संख्या बढ़ाना और प्रजातीय विविधता को बेहतर बनाना है।
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1 दिसंबर से बाघ गणना, उससे पहले ट्रांसफर का लक्ष्य
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की अखिल भारतीय बाघ गणना 1 दिसंबर से शुरू हो रही है। इसे ध्यान में रखते हुए राजस्थान वन विभाग कोशिश में है कि बाघिन का ट्रांसलोकेशन गणना शुरू होने से पहले मुकुंदरा पहुंचा दिया जाए। वन विभाग की टीम 25 नवंबर को पेंच पहुंचने वाली थी, लेकिन यह कार्यक्रम फिलहाल टाल दिया गया है।