सिवनी जिले के नरेला गांव में सोमवार शाम एक बेहद दर्दनाक हादसे में 12 वर्षीय बालिका की नहर में डूबने से मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई, जब बालिका गांव के अन्य बच्चों के साथ नहर के पास खेल रही थी। खेल के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह फिसलकर नहर के गहरे पानी में जा गिरी। जब तक आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, तब तक बालिका पानी में डूब चुकी थी।
मृतक बालिका की पहचान आंधी भलावी (12 वर्ष), पिता राजा गौण, निवासी नरेला, के रूप में हुई है। बालिका के नहर में गिरते ही साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी सतीश कुमार तिवारी के निर्देश पर पुलिस बल एवं रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। पुलिस द्वारा तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन शाम हो जाने के कारण अंधेरा फैल चुका था। साथ ही नहर में पानी की अधिक गहराई और तेज बहाव के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतें आईं।
थाना प्रभारी सतीश कुमार तिवारी ने बताया कि मौके पर उपलब्ध संसाधनों से काफी प्रयास किए गए, लेकिन प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू में समय लग गया। देर रात रेस्क्यू टीम ने बालिका को नहर से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे की खबर मिलते ही पूरे नरेला गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि नहर के आसपास कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा रेलिंग मौजूद है। बच्चों और ग्रामीणों का नहर किनारे आना-जाना आम बात है, जिससे भविष्य में भी ऐसे हादसों की आशंका बनी हुई है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर के किनारे सुरक्षा रेलिंग, चेतावनी संकेत और प्रकाश व्यवस्था की जाए, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की है। थाना प्रभारी ने बताया कि बुधवार सुबह शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच पूरी कर ली है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरचनाओं के पास सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमी को उजागर कर दिया है।