मध्यप्रदेश के सीहोर में आंधी-बारिश ने नौतपा के तेवर ठंडे कर दिए। रविवार को भी दिन के समय अचानक मौसम ने करवट ली। यहां दिन में तेज हवाओं के साथ आसमान में काले बादलों ने डेरा जमा लिया। इसके बाद कुछ देर तक बारिश ने मौसम में ठंडक घोल दी। लेकिन ये ठंडक कुछ देर तक ही लोगों को सुकून दे सकी। बाद में इससे पैदा हुई उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया।
हर साल की तरह इस साल भी 25 मई से नौतपा लग चुका है। लेकिन इस साल का नौतपा पिछले सालों के नौतपे से कुछ अलग है। इस नौतपे में पिछले सालों की तरह न तो झुलसाने वाली गर्मी पड़ रही है और न ही लू की लपटें चल रही हैं। जैसा की शुरू से ही मौसम वैज्ञानिक और भविष्य वक्ता भविष्यवाणी करते आ रहे थे। हुआ भी कुछ उसी तरह का। इस बार के नौतपे में बमुश्किल तापमान 40 डिग्री तक पहुंचा। आसमान पर बादलों के छाने के कारण मौसम में उमस और गर्मी रही। लेकिन तेज गर्मी और लू चलने जैसा कुछ अधिक नजर नहीं आया।
रविवार को भी दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली। इस दौरान हवा-आंधी के साथ आसमान पर बादलों ने डेरा जमा लिया। इसके साथ ही कुछ ही देर में काले बादलों से बारिश का भी दौर शुरू हो गया। लेकिन बारिश कुछ ही देर तक हुई। बारिश ने मौसम में ठंडक खोल दी, लेकिन ये कुछ ही समय तक ठहर सकी। काले बादलों के छंटने के साथ ही उमस और गर्मी ने एक बार फिर से डेरा जमा लिया।
आरएके कॉलेज के मौसम वैज्ञानिक एसएस तोमर ने बताया कि अगले एक सप्ताह तक ऐसा ही मौसम रहेगा। रविवार से फिर नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है, जो प्रदेश को भिगोएगा। 28 मई को एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो जाएगा। इस कारण अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। इसके चलते प्रदेश में नौतपा के तेवर ज्यादा गर्म नहीं हो पाएंगे।