इसी कार में तहसीलदार और पटवारी सवार थे
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मध्य प्रदेश के सीहोर की सीवन नदी में 15 अगस्त की रात कर्बला पुल से कार सहित बहे तहसीलदार नरेंद्र ठाकुर का पांच दिन बाद भी कुछ पता नहीं लग सका है। उनकी तलाश लगातार की जा रही है, पर अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।
बता दें कि बीते दिनों हुई तेज बारिश के बाद सीवन नदी में तेज बहाव था। तहसीलदार नरेंद्र ठाकुर 15 अगस्त की रात फॉर्म हाउस से लौट रहे थे। तभी कार सहित पुल से नदी में गिर गए थे। उनके साथ पटवारी महेंद्र रजक भी थे। अगले दिन पटवारी का शव तो मिल गया था, पर नरेंद्र ठाकुर का पता नहीं चला। तभी से सीहोर के गोताखोर, एसडीआरएफ की टीम लगातार तहसीलदार नरेंद्र ठाकुर की तलाश कर रही है। आसपास के ग्रामीण भी अपने स्तर पर तलाश कर रहे हैं।
इधर तहसीलदार नरेंद्र ठाकुर के परिवार वालों का कहना है कि घटना की जांच होना चाहिए। ये हादसा है या किसी ने साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया है। परिजनों ने इस संबंध में पुलिस जांच की मांग भी की है। कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने तहसीलदार संघ के पदाधिकारियों सहित तहसीलदार नरेंद्र ठाकुर के बेटे को भी आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द नरेंद्र ठाकुर को ढूंढ लिया जाएगा। इसके लिए एनडीआरएफ की 30 सदस्यों की टीम को भी रायसेन से सीहोर बुलाया गया है।