फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीहोर: सलकनपुर में उमड़ा आस्था का महासागर, नवमी पर डेढ़ लाख भक्तों ने मां विजयासन के दरबार में टेका माथा

Mon, 19 Oct 2026 06:26 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

शारदीय नवरात्रि के दौरान सीहोर जिले के सलकनपुर स्थित मां विजयासन देवी धाम में करीब आठ लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। नवमी पर लगभग डेढ़ लाख भक्त पहुंचे। अष्टमी पर महानिशा पूजन और हवन हुआ, जबकि नवमी पर कन्या पूजन आयोजित किया गया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के इंतजाम किए। 
विज्ञापन
आस्था, विश्वास और परंपरा का प्रतीक बना सलकनपुर धाम
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किसी की आंखों में परिवार की खुशहाली की प्रार्थना, किसी के हाथों में पूजा की थाली, तो किसी के होंठों पर मां विजयासन के जयकारे। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर सलकनपुर स्थित प्रसिद्ध मां विजयासन देवी धाम में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि नौ दिनों तक पूरा क्षेत्र माता रानी की भक्ति में सराबोर रहा। दूर-दराज के गांवों और शहरों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाकर सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की।

विज्ञापन


अनुमान के मुताबिक, पूरे नवरात्रि पर्व के दौरान करीब 8 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि नवमी के दिन लगभग डेढ़ लाख भक्त माता के दरबार में पहुंचे। मंदिर परिसर से लेकर दर्शन मार्ग तक दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रही। श्रद्धा, विश्वास और माता के जयकारों के बीच नवरात्रि का पर्व भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।

ये भी पढ़ें- उज्जैन: 2100 साल पुरानी परंपरा का निर्वहन, महाअष्टमी पर मदिरा धार चढ़ाकर कलेक्टर-एसपी ने की ऐतिहासिक नगर पूजा
विज्ञापन


नवमी पर डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में लगाई हाजिरी
शारदीय नवरात्रि की नवमी पर सलकनपुर धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही मां विजयासन देवी के दर्शन के लिए भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो दिनभर जारी रहा। परिवार के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मां से जीवन में सुख-समृद्धि तथा खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। नवमी के अवसर पर करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में भक्तों ने माता रानी के दर्शन किए। कई श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचे, तो अनेक भक्त मां के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने और परिवार की मंगलकामना के लिए दरबार में हाजिरी लगाने आए। पूरे धाम में दिनभर जय माता दी के जयकारे गूंजते रहे।

नौ दिनों में करीब 8 लाख भक्तों ने किए दर्शन
नवरात्रि के पहले दिन से ही मां विजयासन देवी धाम में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। जैसे-जैसे पर्व आगे बढ़ा, वैसे-वैसे दर्शनार्थियों की संख्या में भी तेजी आई। अष्टमी और नवमी जैसे प्रमुख दिनों में मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग पर विशेष रूप से अधिक भीड़ देखने को मिली। अनुमान के मुताबिक, नौ दिनों में करीब 8 लाख श्रद्धालुओं ने सलकनपुर पहुंचकर मां विजयासन देवी के दर्शन किए। मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा दूर-दराज से भी भक्त माता के दरबार में पहुंचे। किसी ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की, तो किसी ने जीवन की परेशानियों से मुक्ति और सुखद भविष्य के लिए प्रार्थना की। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने एक बार फिर सलकनपुर धाम के प्रति लोगों की गहरी आस्था और विश्वास को प्रदर्शित किया।

अष्टमी पर उमड़ी भीड़, मध्यरात्रि में महानिशा पूजन और हवन
शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पर भी सलकनपुर धाम में आस्था का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। रविवार, 18 अक्टूबर को सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। रविवार की छुट्टी और अष्टमी के संयोग के चलते दर्शनार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। अनुमान के मुताबिक, इस दिन करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने मां विजयासन के दर्शन किए। दिनभर दर्शन-पूजन के बाद अष्टमी की मध्यरात्रि में मंदिर में महानिशा पूजन और हवन का विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। महंत, आचार्य, पुजारियों और ब्राह्मणों ने विधि-विधान से पूजन कराया। देवी आराधना के इस विशेष अवसर पर श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। अनेक भक्तों ने रात्रि जागरण कर मां की उपासना की और धार्मिक अनुष्ठानों के दर्शन किए। देर रात तक मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।

नवमी पर कन्या पूजन, देवी स्वरूप में बालिकाओं की आराधना
नवमी के अवसर पर सलकनपुर धाम में कन्या पूजन और कन्या भोजन का भी विशेष महत्व रहा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है और भोजन कराकर आशीर्वाद लिया जाता है। श्रद्धालुओं ने इस परंपरा का निर्वहन करते हुए माता रानी की आराधना की। नवरात्रि के अंतिम दिन भी दर्शन के लिए भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालुओं के लिए नवमी पर्व का समापन नहीं मां के प्रति अपनी आस्था दोहराने और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करने का विशेष अवसर रहा।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन रहा सक्रिय
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए। कलेक्टर बालागुरू के. के निर्देशानुसार विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। पुलिस और प्रशासनिक अमले ने मंदिर परिसर तथा दर्शन मार्ग पर भीड़ के प्रबंधन, श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा पर ध्यान दिया। पेयजल, साफ-सफाई, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सहायता और यातायात प्रबंधन जैसी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई। संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में जुटे रहे। भारी भीड़ के बीच दर्शनार्थियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता रही।
विज्ञापन


आस्था, विश्वास और परंपरा का प्रतीक बना सलकनपुर धाम
शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में सलकनपुर में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब मां विजयासन देवी के प्रति लोगों की अटूट आस्था का प्रतीक रहा। मंदिर में गूंजते जयकारे, पूजा की थालियां लिए आगे बढ़ते भक्त और मनोकामनाओं के साथ मां के सामने झुकते शीश पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग देते रहे। किसी ने अपने परिवार के लिए सुख मांगा, किसी ने स्वास्थ्य और शांति की प्रार्थना की, तो किसी ने जीवन में नई उम्मीदों के साथ माता के चरणों में शीश नवाया।

आस्था, विश्वास और परंपरा का प्रतीक बना सलकनपुर धाम

 

आस्था, विश्वास और परंपरा का प्रतीक बना सलकनपुर धाम

 

आस्था, विश्वास और परंपरा का प्रतीक बना सलकनपुर धाम

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें