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सीहोर: जमीन विवाद में बेटे ने पिता से की मारपीट, पुलिस पंचायत में पैर छूकर मांगी माफी

Wed, 21 Oct 2026 07:48 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

सीहोर में सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत में जमीन विवाद में पिता से मारपीट करने वाले बेटे ने माफी मांगी। बैठक में मकान पर कब्जे, रुपये के विवाद और 75 वर्षीय बुजुर्ग की आजीविका से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई हुई।

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सीहोर में सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत में सामने आए दर्दभरे मामले - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिस बेटे को उंगली पकड़कर चलना सिखाया और जिसके भविष्य के लिए पिता ने जीवनभर मेहनत की, उसी बेटे के व्यवहार से बुजुर्ग पिता का जीवन मुश्किल हो गया। जमीन के विवाद में बेटे ने पिता के साथ मारपीट और गाली-गलौज की। मामला सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत तक पहुंचा तो दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाइश दी गई। आखिरकार बेटे ने सबके सामने पिता के पैर छूकर माफी मांगी और भविष्य में परेशान नहीं करने का भरोसा दिया। भावुक पिता ने भी बेटे को गले लगाकर आशीर्वाद दिया। अपनों से मिले दर्द के बीच रिश्तों को फिर से जोड़ने की यह तस्वीर पुलिस पंचायत की संवेदनशील पहल का उदाहरण बनी।

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पिता के सम्मान पर चोट, बेटे ने मांगी माफी
ग्रामीण क्षेत्र के एक बुजुर्ग ने शिकायत में बताया कि जमीन को लेकर हुए विवाद के बाद बेटे ने उनके साथ मारपीट की और अपशब्द कहे। घटना के बाद घर का माहौल तनावपूर्ण हो गया था और उनके लिए वहां रहना मुश्किल हो गया था। पंचायत ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद बेटे को समझाया कि माता-पिता के सम्मान और मर्यादा से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। जिस उम्र में बच्चे अपनी जरूरतों के लिए माता-पिता पर निर्भर होते हैं, उस समय माता-पिता ही उन्हें संभालते हैं और जीवन जीना सिखाते हैं।

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पंचायत ने बेटे के आक्रामक व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए पिता को वैधानिक कार्रवाई के विकल्प भी बताए। इसके बाद पिता की इच्छा के अनुसार बेटे ने माफी मांगी और भविष्य में किसी तरह परेशान नहीं करने की सहमति दी। पंचायत ने पिता के क्षमाशील व्यवहार की सराहना की। पिता ने बेटे को गले लगाकर आशीर्वाद दिया और कार्रवाई के लिए धन्यवाद जताया।

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पांच साल से मकान पर कब्जे की शिकायत
पंचायत में एक अन्य बुजुर्ग ने शिकायत की कि उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतों के लिए शहर में मकान बनवाया था। बाद में मकान अपने परिचित को किराये पर दे दिया, लेकिन आरोप है कि पिछले पांच साल से न तो किराया मिल रहा है और न ही मकान खाली किया जा रहा है। इससे बुजुर्ग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत ने मामले की परिस्थितियों पर विचार करते हुए संबंधित पक्ष को अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का समय दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नागरिकों की संपत्ति पर अवैध कब्जे की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई के विकल्प मौजूद हैं। इस प्रकरण पर अगली तारीख को फिर विचार किया जाएगा।

रुपये के विवाद में तीन दिन में समाधान के निर्देश
इछावर क्षेत्र के एक वरिष्ठ नागरिक ने शिकायत की कि उनके बेटे के नाम से काम कराने के लिए गांव के एक व्यक्ति ने रुपये लिए, लेकिन राशि वापस नहीं की जा रही है और न ही समस्या के समाधान में मदद मिल रही है।

सुनवाई के दौरान संबंधित व्यक्ति ने बताया कि उसने रुपये स्वयं नहीं लिए थे, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति को दिलवाए थे। पंचायत ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए तीन दिन के भीतर समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायतकर्ता को भी तीन दिन में वस्तुस्थिति से अवगत कराने के लिए कहा गया। निर्धारित समय में समाधान नहीं होने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

75 वर्षीय बुजुर्ग की रोजी-रोटी का रास्ता निकला
एक अन्य मामले में 75 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक ने बताया कि उन्होंने अपने दामाद को गांव बुलाकर कुछ राशि के बदले जमीन का एक टुकड़ा और गांव में काम करने का अधिकार दिया था। अब उन्हें अपनी रोजी-रोटी चलाने में परेशानी हो रही थी।

सुनवाई के दौरान दामाद ने जमीन और गांव में काम करने के अधिकार से जुड़े लेन-देन के बारे में अपना पक्ष रखा। पंचायत ने दोनों पक्षों को समझाया कि वे रिश्तेदार हैं और बुजुर्ग की आजीविका प्रभावित नहीं होनी चाहिए। समझाइश के बाद संबंधित पक्ष इस बात पर सहमत हुआ कि बुजुर्ग को गांव में अपने हिसाब से रोजी-रोटी के लिए काम करने से नहीं रोका जाएगा। इससे बुजुर्ग को राहत मिलने की उम्मीद बनी।

बुजुर्गों के सम्मान और अधिकारों पर जोर
सीहोर पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देश पर गठित सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की बैठक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में आयोजित की गई। बैठक में कोर कमेटी के सदस्य अनिल पालीवाल, साधु राम शर्मा और कमल सिंह ठाकुर उपस्थित रहे। बैठक में अन्य प्रकरणों की भी सुनवाई की गई। कुछ मामलों में दस्तावेज प्रस्तुत करने और संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया। पुलिस पंचायत की इस पहल का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतें सुनना, पारिवारिक और संपत्ति संबंधी विवादों में समाधान की संभावनाएं तलाशना तथा जरूरत पड़ने पर वैधानिक कार्रवाई का रास्ता स्पष्ट करना है।

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