सीहोर में सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत में जमीन विवाद में पिता से मारपीट करने वाले बेटे ने माफी मांगी। बैठक में मकान पर कब्जे, रुपये के विवाद और 75 वर्षीय बुजुर्ग की आजीविका से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई हुई।
जिस बेटे को उंगली पकड़कर चलना सिखाया और जिसके भविष्य के लिए पिता ने जीवनभर मेहनत की, उसी बेटे के व्यवहार से बुजुर्ग पिता का जीवन मुश्किल हो गया। जमीन के विवाद में बेटे ने पिता के साथ मारपीट और गाली-गलौज की। मामला सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत तक पहुंचा तो दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाइश दी गई। आखिरकार बेटे ने सबके सामने पिता के पैर छूकर माफी मांगी और भविष्य में परेशान नहीं करने का भरोसा दिया। भावुक पिता ने भी बेटे को गले लगाकर आशीर्वाद दिया। अपनों से मिले दर्द के बीच रिश्तों को फिर से जोड़ने की यह तस्वीर पुलिस पंचायत की संवेदनशील पहल का उदाहरण बनी।
पंचायत ने बेटे के आक्रामक व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए पिता को वैधानिक कार्रवाई के विकल्प भी बताए। इसके बाद पिता की इच्छा के अनुसार बेटे ने माफी मांगी और भविष्य में किसी तरह परेशान नहीं करने की सहमति दी। पंचायत ने पिता के क्षमाशील व्यवहार की सराहना की। पिता ने बेटे को गले लगाकर आशीर्वाद दिया और कार्रवाई के लिए धन्यवाद जताया।
सुनवाई के दौरान संबंधित व्यक्ति ने बताया कि उसने रुपये स्वयं नहीं लिए थे, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति को दिलवाए थे। पंचायत ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए तीन दिन के भीतर समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायतकर्ता को भी तीन दिन में वस्तुस्थिति से अवगत कराने के लिए कहा गया। निर्धारित समय में समाधान नहीं होने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
75 वर्षीय बुजुर्ग की रोजी-रोटी का रास्ता निकला
एक अन्य मामले में 75 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक ने बताया कि उन्होंने अपने दामाद को गांव बुलाकर कुछ राशि के बदले जमीन का एक टुकड़ा और गांव में काम करने का अधिकार दिया था। अब उन्हें अपनी रोजी-रोटी चलाने में परेशानी हो रही थी।
सुनवाई के दौरान दामाद ने जमीन और गांव में काम करने के अधिकार से जुड़े लेन-देन के बारे में अपना पक्ष रखा। पंचायत ने दोनों पक्षों को समझाया कि वे रिश्तेदार हैं और बुजुर्ग की आजीविका प्रभावित नहीं होनी चाहिए। समझाइश के बाद संबंधित पक्ष इस बात पर सहमत हुआ कि बुजुर्ग को गांव में अपने हिसाब से रोजी-रोटी के लिए काम करने से नहीं रोका जाएगा। इससे बुजुर्ग को राहत मिलने की उम्मीद बनी।
बुजुर्गों के सम्मान और अधिकारों पर जोर
सीहोर पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देश पर गठित सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की बैठक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में आयोजित की गई। बैठक में कोर कमेटी के सदस्य अनिल पालीवाल, साधु राम शर्मा और कमल सिंह ठाकुर उपस्थित रहे। बैठक में अन्य प्रकरणों की भी सुनवाई की गई। कुछ मामलों में दस्तावेज प्रस्तुत करने और संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया। पुलिस पंचायत की इस पहल का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतें सुनना, पारिवारिक और संपत्ति संबंधी विवादों में समाधान की संभावनाएं तलाशना तथा जरूरत पड़ने पर वैधानिक कार्रवाई का रास्ता स्पष्ट करना है।