फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sehore news: सीहोर कोर्ट का कड़ा फैसला, पिता के दोस्त ने किया मासूम से दुष्कर्म, सुनाई अंतिम सांस तक कैद

Thu, 21 Aug 2025 04:32 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

30 मई 2024 की शाम करीब 7 बजे बच्ची आंगन में खेल रही थी। तभी आरोपी ने कहा कि वह उसे दूध दिलाकर घर छोड़ देगा। इसके बाद उसने बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाकर पास के जंगल में जमीन पर पटक दिया और दुष्कर्म किया था। कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 
विज्ञापन
जिला अदालत
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तहसील नसरुल्लागंज की अदालत ने नाबालिग बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में बड़ा फैसला सुनाया। पांच साल की नाबालिग बच्ची के पिता के दोस्त द्वारा अपहरण और दुष्कर्म की घिनौनी घटना करने वाले को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। धन्नालाल जाट पीड़ित के पिता का मित्र था, आरोपी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर जंगल में ले जाकर अत्याचार किया।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें-इंदौर की होप टेक्सटाइल मिल की 22 एकड़ जमीन का प्रशासन ने लिया कब्जा, एक हजार करोड़ है कीमत

प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने धन्नालाल जाट को धारा 366 भादवि में पांच वर्ष, धारा 363 भादवि में 4 माह और पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एम)/6 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा आरोपी को 4,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। विशेष लोक अभियोजक मनोज जाट के अनुसार, 30 मई 2024 की शाम करीब 7 बजे बच्ची आंगन में खेल रही थी। तभी आरोपी ने कहा कि वह उसे दूध दिलाकर घर छोड़ देगा। इसके बाद उसने बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाकर पास के जंगल में जमीन पर पटक दिया और दुष्कर्म किया। करीब 9.30 बजे बच्ची को आरोपी वापस लाया गया। बच्ची ने अपने परिवार को पूरी घटना बताई। पीड़ित परिवार ने तत्काल नसरुल्लागंज थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। परिवार में इस घटना से गहरा आक्रोश और सदमा फैल गया। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। धारा 366 में 5 वर्ष, धारा 363 में 4 माह और पाक्सो एक्ट की धारा 5(एम)/6 के तहत अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज मामले की जांच के लिए संजीय शमी के नेतृत्व में एसआईटी गठित

पीड़ित परिवार को मिलेगा मुआवजा
न्यायालय ने पीड़ित परिवार को 1 लाख रुपये की सहायता राशि दिलाने की अनुशंसा भी की। शासन की ओर से इस मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक मनोज जाट ने की। मीडिया सेल प्रभारी एवं सहायक जिला अभियोजन अधिकारी ने बताया कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और गंभीरता के साथ पूरी हुई। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें