लापरवाही की चिंगारी बनी तबाही की आग
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सीहोर जिले के शेखपुरा गांव में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही ने एक किसान की जिंदगी बर्बाद कर दी। महज दो दिनों के भीतर लगी दो भीषण आग ने किसान राम सिंह गौर की वर्षों की मेहनत, संसाधन और उम्मीदों को राख में बदल दिया। करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ, बेटा झुलस गया और प्रशासन अब तक खामोश है।
27 अप्रैल: पहली चिंगारी ने मचाई तबाही
27 अप्रैल 2026 को खेत के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन से निकली चिंगारी अचानक आग में बदल गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। खेत में खड़े दो ट्रैक्टर, आर्मेचर और अन्य कृषि उपकरण कुछ ही मिनटों में जलकर खाक हो गए। वर्षों की मेहनत से जुटाए गए संसाधन आग की भेंट चढ़ गए। इस हादसे में करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
चेतावनी के बाद भी नहीं जागा विभाग
पहली घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग को सूचना देकर लाइन सुधारने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि जर्जर तार वैसे ही लटकते रहे और विभाग ने खतरे को नजरअंदाज कर दिया।
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29 अप्रैल: फिर भड़की आग, भूसा भी जला
29 अप्रैल को एक बार फिर बिजली लाइन से चिंगारी निकली और खेत में आग लग गई। इस बार खेत में रखा पूरा भूसा जलकर राख हो गया। इससे किसान की पशुपालन की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। लगातार दो घटनाओं ने विभागीय लापरवाही को उजागर कर दिया।
आग बुझाने में बेटा झुलसा
आग पर काबू पाने के प्रयास में किसान का बड़ा बेटा बुरी तरह झुलस गया। उसके हाथ और पैर जल गए हैं और फिलहाल निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है।
प्रशासन की चुप्पी, नहीं मिला मुआवजा
इतनी बड़ी घटना के बावजूद प्रशासन और बिजली विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। न जांच पूरी हुई और न ही पीड़ित किसान को कोई आर्थिक सहायता मिली। घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई
- किसान को 25 लाख रुपये का मुआवजा
- जर्जर बिजली लाइनों का तत्काल सुधार
- घायल बेटे के इलाज का पूरा खर्च प्रशासन उठाए
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि आखिर कब तक लापरवाही की कीमत किसानों को अपनी जिंदगी से चुकानी पड़ेगी।