सीहोर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक महिला ने सूदखोरों की प्रताड़ना से परेशान होकर आम के पेड़ पर फंदा डालकर सांकेतिक रूप से फांसी लगाने की कोशिश की। समय रहते सुरक्षाकर्मियों ने हस्तक्षेप कर महिला को बचा लिया।
गंगा आश्रम निवासी ज्योति बेस का आरोप है कि फॉरेस्ट कॉलोनी के सूदखोरों ने उनके पति रुद्रप्रताप को कर्ज के जाल में फंसा दिया। शुरुआत में कम ब्याज का झांसा दिया गया लेकिन बाद में 10 से 20 प्रतिशत तक सूद वसूला जाने लगा। पीड़िता के अनुसार परिवार ने करीब 10 लाख रुपए उधार लिए थे लेकिन अब तक 60 लाख रुपए तक वसूले जा चुके हैं फिर भी कर्ज खत्म नहीं हुआ।
लगातार मानसिक दबाव और धमकियों से परेशान होकर रुद्रप्रताप ने आत्महत्या का प्रयास किया। सुसाइड नोट लिखने के बाद उन्होंने कीटनाशक पी लिया। फिलहाल वे भोपाल के एक अस्पताल में भर्ती हैं और वहां उनका इलाज चल रहा है। सूदखोरी के चलते परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ चुकी है। मकान बिक चुका है, गहने खत्म हो गए हैं और अब परिवार किराए के मकान में रहने को मजबूर है। इसी सूदखोरी से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है।
ज्योति बेस ने कलेक्टर, एसपी, एसडीएम, तहसीलदार और कोतवाली थाने सहित कई स्तरों पर शिकायत की। उन्होंने पुलिस को सबूत भी सौंपे लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। महिला का आरोप है कि सूदखोर लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और मदद करने वालों को भी डराया जा रहा है।
ये भी पढ़ें: MP: डिग्री की मंडी! 16 लाख की बोली और बिना परीक्षा थमा दी एमबीबीएस की डिग्री, ऑडियो वायरल होने पर हुआ खुलासा
मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान महिला ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के सामने आम के पेड़ पर रस्सी डालकर फांसी लगाने की कोशिश की। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत रोककर उन्हें जनसुनवाई कक्ष में पहुंचाया। महिला ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वह आत्मघाती कदम उठा सकती है। इस मामले में थाना प्रभारी रविंद्र यादव ने बताया कि महिला का आवेदन मिला है और जांच जारी है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला सीहोर में बढ़ती सूदखोरी और प्रशासनिक निष्क्रियता की गंभीर तस्वीर पेश करता है। जब पीड़ित को न्याय के लिए खुद फंदा उठाना पड़े, तो यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल है। अब देखना होगा कि प्रशासन जागता है या एक और परिवार बर्बादी की कगार पर छोड़ दिया जाएगा।