सीहोर जिले की नाबालिग छात्रा लंबे समय तक आरोपी अभिषेक की छेड़छाड़ का शिकार होती रही। छात्रा जब स्कूल से घर या बाजार जाती, तो आरोपी उसका पीछा करता और अश्लील इशारे करता। आरोपी उससे जबरन शादी करने और भाग जाने का दबाव डालता। छात्रा बार-बार परेशान होती रही, लेकिन डर के कारण उसने यह बात घर पर किसी को नहीं बताई।
आखिरकार जून 2023 की शुरुआत में छात्रा ने अपने माता-पिता को पूरी घटना बताई। परिजनों को जब सच्चाई पता चली तो उन्होंने बेटी की सुरक्षा को देखते हुए आष्टा से सीहोर में शिफ्ट होने का निर्णय लिया। यह कदम आरोपी के डर से बचने के लिए उठाया गया था।
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रास्ते में रोकी मोटरसाइकिल, दी जान से मारने की धमकी
4 जून 2023 की रात 10 बजे छात्रा और उसके पिता मोटरसाइकिल से सामान लेकर सीहोर जा रहे थे। तभी आरोपी अभिषेक मोटरसाइकिल से आया और उनकी गाड़ी रोक दी। उसने लड़की के पिता से कहा कि मेरी बात आपकी बेटी से कराओ। इनकार करने पर आरोपी ने जान से खत्म कर देने की धमकी दी। पिता ने किसी तरह समझाकर रास्ता निकाला और सीहोर जाकर राहत की सांस ली।
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थाने में दर्ज हुई रिपोर्ट
इसके बाद परिजनों ने हिम्मत जुटाई और थाना आष्टा पहुंचकर आरोपी अभिषेक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला अपराध क्रमांक 338/23 अंतर्गत धारा 354, 354(क), 354(घ), 341, 506 भादवि एवं 9/10, 11/12 पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया। विशेष लोक अभियोजक देवेंद्र सिंह ठाकुर ने अदालत में अभियोजन पक्ष का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने घटना के तथ्य, गवाहों के बयान और सबूतों को प्रस्तुत कर स्पष्ट किया कि आरोपी ने नाबालिग छात्रा को बार-बार परेशान किया और गंभीर अपराध किया है।
विशेष न्यायाधीश आष्टा, महेश कुमार चौहान ने अभियोजन के तर्कों से सहमति जताई और आरोपी अभिषेक कुशवाह पिता घनश्याम कुशवाह 20 वर्ष निवासी काछी मोहल्ला आष्टा को दोषी ठहराया। न्यायालय ने उसे धारा 354 भादवि में 2 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 11/12 पॉक्सो एक्ट में 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल 4000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।