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Sehore Crime: सीहोर में भेड़ चोरी करने वाले संगठित गिरोह का आतंक, हथियारबंद बदमाश 40 भेड़ें लूट ले गए

Tue, 26 May 2026 06:46 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

सीहोर के इछावर क्षेत्र में हथियारबंद बदमाशों ने भेड़पालकों के डेरे पर हमला कर 40 भेड़ें लूट लीं। विरोध करने पर चरवाहे से मारपीट की गई। पीड़ितों ने पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया और कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

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पीड़ित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीहोर जिले में भेड़ चोरी करने वाले संगठित गिरोह का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला कांकरखेड़ा क्षेत्र का है, जहां देर रात हथियारबंद बदमाशों ने भेड़पालकों के डेरे पर हमला बोल दिया। बदमाश पिकअप ट्रक लेकर पहुंचे और चरवाहों को डराकर-धमकाकर डेरे से 40 बड़ी भेड़ों को जबरन वाहन में भरकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

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जानकारी के अनुसार पीड़ित भेड़ मालिक विष्णु पिता दीपा देवासी निवासी ग्राम रोडला, तहसील आहोर, जिला जालौर राजस्थान अपने डेरे के साथ इछावर थाना क्षेत्र में रुके हुए थे। 17 मई की रात करीब 3 बजे 8 से 10 बदमाशों का गिरोह डेरे पर पहुंचा। बदमाशों ने पहले चरवाहों को धमकाया और फिर एक-एक कर भेड़ों को ट्रक में भरना शुरू कर दिया।

विरोध किया तो चरवाहे से मारपीट
जब चरवाहे विष्णु देवासी ने बदमाशों का विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट कर दी। हथियारों से लैस बदमाशों के सामने चरवाहे खुद को बचाने में ही जुटे रहे और देखते ही देखते पूरा गिरोह 40 भेड़ों को लेकर फरार हो गया। पीड़ितों का कहना है कि घटना पूरी तरह योजनाबद्ध थी और गिरोह लंबे समय से रेकी कर रहा था।
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थाने पहुंचे तो पुलिस ने रिपोर्ट लिखने से किया इंकार
घटना के बाद पीड़ित भेड़पालक इछावर थाने पहुंचे, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत तक दर्ज नहीं की। एफआईआर नहीं लिखे जाने से पशुपालकों में भारी नाराजगी है। मंगलवार को राजस्थानी पशुपालक संगठन के अध्यक्ष अशोक देवासी भोंगरा के नेतृत्व में पशुपालकों ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

एक साल में 500 भेड़ें चोरी, फिर भी पुलिस खामोश
पशुपालक संगठन का कहना है कि पिछले एक वर्ष में जिले के अलग-अलग इलाकों से करीब 500 भेड़ों की चोरी हो चुकी है। कई मामलों में शिकायतें दी गईं, लेकिन पुलिस ने अधिकांश घटनाओं में एफआईआर तक दर्ज नहीं की। आरोप है कि पुलिस की ढिलाई के कारण चोर गिरोहों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और पशुपालक लगातार निशाने पर हैं।

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मुख्य सड़क छोड़ आउटर रास्तों से भागते हैं लुटेरे
भेड़ चोरी करने वाला गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता है। पशुपालकों के मुताबिक आरोपी मुख्य मार्गों का इस्तेमाल नहीं करते बल्कि आउटर और ग्रामीण रास्तों से वाहन निकालते हैं ताकि पुलिस की नजर से बच सकें। घटना के बाद आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिनमें तिरपाल से ढंका एक संदिग्ध पिकअप ट्रॉला जाता दिखाई दिया है।
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पशुपालकों ने उठाए सवाल, कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल एफआईआर दर्ज कर संगठित गिरोह को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही संदिग्ध वाहनों की जांच कर चोरी हुई 40 भेड़ों को बरामद कराया जाए। पशुपालकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर के भेड़पालक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। घटना ने एक बार फिर जिले की कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संबंध में चावल थाना प्रभारी पंकज वाडेकर ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है।जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी।

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