सीहोर जिले में मंगलवार को नर्मदा जयंती के मौके पर मां नर्मदा को चुनरी अर्पण व मां का गुणगान करते श्रद्धालु, नर्मदा अष्टक की धुन, मां नर्मदा की आरती के साथ मां की चरण वंदना करते श्रद्धालुओं का जन सैलाब क्षेत्र के नर्मदा तटों पर दिखाई दिया। क्षेत्र के नीलकंठ, सीलकंठ, मंडी, छीपानेर, सातदेव, बाबरी तट पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के नर्मदा तटों पर मां नर्मदा की जयंती उत्साह, उल्लास के साथ मनाई गई। क्षेत्र के नर्मदा तट नीलकंठ में देर शाम को असंख्य दीपों से जगमग मां नर्मदा और उनका गुणगान करते श्रद्धालु का नजारा देखने को मिला। मां नर्मदा को 2200 मीटर की चुनरी ओढ़ाकर आरती उतारी गई। इस दौरान पूरा नर्मदा तट मां के जयकारों से गूंज उठा। मंगलवार को सुबह से ही नर्मदा तटों पर नर्मदा जयंती के मौके पर श्रद्धालुओं की भीड़ एकत्रित होना शुरू हो गई थी। सुबह से लेकर देर शाम तक मां की पूजा-अर्चना का क्रम लगातार चलता रहा और देर रात को महाआरती और दीपदान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। लगातार 33वें वर्ष हुए इस आयोजन को लेकर नीलकंठ तट पर विशेष तैयारियां की गई थी। दोपहर को नर्मदा तट नीलकंठ पहुंचने के उपरांत मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की गई और महाआरती में शामिल होकर दीपदान किया।
नर्मदा अष्टक के साथ हुई मां की पूजा-अर्चना
नीलकंठ नर्मदा जयंती समिति के सदस्यों द्वारा नीलकंठ तट पर मां नर्मदा के पूजन-अभिषेक की तैयारियां कर रखी थी और दोपहर को पंडित राजेश शर्मा के द्वारा मां नर्मदा का पूजन-हवन प्रारंभ कराया। चार घंटे से भी अधिक समय तक चले इस पूजन समारोह में भक्तों ने अपनी उपस्थिति देकर महा आरती का लाभ लिया। देर शाम तक यह कार्यक्रम चलता रहा। इस दौरान भक्तों की भीड़ नीलकंठ तट पर लगातार उमड़ती रही। मां नर्मदा का भक्तों के द्वारा दुग्ध अभिषेक भी किया।
निकली चुनरी यात्रा, देर शाम की मां को अर्पण
नव परिवर्तन युवा संगठन के नेतृत्व में मां नर्मदा जयंती पर नीलकंठ प्रवेश द्वार संत श्रीसिंगा जी मंदिर से चुनरी यात्रा निकाली गई। जिसमें दो दर्जन से अधिक गांवों के श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर मां नर्मदा को 2200 मीटर चुनरी बड़े ही उत्साह के साथ अर्पित की गई। दीपदान के बाद प्रसादी का वितरण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस दौरान मां नर्मदा को सुहाग सामग्री का श्रृंगार भी आकर्षक ढंग से बीच नर्मदा में पहुंचकर किया गया।
असंख्य दीपों का हुआ दान
नर्मदा के पवित्र आंचल में हजारों की तादात में पहुंचे श्रद्धालुओं ने हजारों हजार दीपों से दीपदान किया। शाम ढलते ही दीपदान का सिलसिला प्रारंभ हो चुका था। नर्मदा जयंती के अवसर पर दीपदान का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालुओं के द्वारा शाम को जहां मां नर्मदा की भव्य महाआरती में भाग लिया। वहीं दीपदान करने का पुण्य लाभ भी उठाया। दीपदान का सिलसिला देर रात्रि तक चलता रहा। रात्रि के समय मां नर्मदा का नजारा देखने लायक रहा। रात्रि में चारों तरफ दीपक ही दीपक नजर आ रहे थे और यह रोशनी की छटा को और ज्यादा बिखेर रहे थे।
रंगारंग आतिशबाजी चली शाम के बाद
समिति के द्वारा नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर भव्य आतिशबाजी का आयोजन भी किया। जैसे ही माँ नर्मदा की आरती का सिलसिला प्रारंभ हुआ वैसे ही आतिशबाजी से पूरा तट गुंजामय हो उठा। बीच नर्मदा में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर आतिशबाजी की और माँ नर्मदा का जन्मों उत्सव मनाया। आरती के दौरान पूरे समय आतिशबाजी चलती रही और हजारों नागरिकों ने समिति के द्वारा किये गये भव्य कार्य को सराहा। समिति के द्वारा नीलकंठ घाट पर बिजली की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई थी जिससे कि श्रद्धालुओं को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
कन्या भोज के साथ हुआ भंडारे का आयोजन
नर्मदा जयंती के पूरे कार्यक्रम में नगर परिषद, नीलकंठ नर्मदा जयंती समिति व ग्राम पंचायत नीलकंठ के द्वारा अपना सहयोग देते हुए पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की। इस दौरान सुबह नगर के संत सुन्दरदास मांगलिक भवन में कन्या भोज का आयोजन संपन्न कराया गया। जिसमें सैकड़ों कन्याओं के द्वारा भाग लेकर भोजन प्रसादी प्राप्त की।
चौक चौबंद रही व्यवस्था, पुलिस की मौजदूगी में हुआ दीपदान
नर्मदा जंयती के एक दिन पूर्व ही ग्राम पंचायत नीलकंठ व प्रशासनिक अधिकारियों ने नीलकंठ में हजारों श्रृद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई। जयंती पर पूरे दिन नीलकंठ सहित आसपास के तटों पर पुलिस तैनात रही। जिनकी उपस्थिति में श्रृद्धालु महिला व पुरुषों द्वारा नर्मदा जी में असंख्य दीपों का दान किया गया।
नर्मदा जयंती पर चुनरी यात्रा निकाली
नर्मदा जयंती पर चुनरी यात्रा निकाली