सीहोर जिले में पिछले कई दिनों से लोग बारिश की कमी महसूस कर रहे थे, लेकिन बीते 24 घंटों में हुई झमाझम बरसात ने राहत दी। पानी का दौर जारी रहा। इस दौरान कहीं तेज तो कहीं हल्की फुहारें गिरती रहीं, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई। 24 घंटे में जिले में औसतन 34.6 मिमी यानी करीब डेढ़ इंच से अधिक बारिश हुई। यह बारिश किसानों के लिए संजीवनी साबित हुई है, क्योंकि धान और सोयाबीन जैसी फसलों को इस समय पानी की सख्त जरूरत थी।
जिले की आठों तहसीलों में से सबसे अधिक बारिश श्यामपुर में हुई है। यहां 55 मिमी (करीब 2.1 इंच) बारिश दर्ज की गई। इस कारण खेत-खलिहान पानी से लबालब हो उठे और निचली बस्तियों में भी पानी भर गया। अन्य तहसीलों की बात करें तो रेहटी में 45.8 मिमी (करीब 1.8 इंच), आष्टा में 36 मिमी (1.4 इंच), जावर में 33 मिमी (1.3 इंच), बुधनी में 30.5 मिमी (1.2 इंच), मैनसा में 34 मिमी (1.3 इंच), इछावर में 20 मिमी (0.8 इंच) और जिला मुख्यालय सीहोर में 22.2 मिमी (0.9 इंच) वर्षा दर्ज की गई।
फसलों के नुकसान का खतरा टला
बारिश का यह दौर किसानों के लिए वरदान साबित हुआ। अब तक खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल पानी की कमी से प्रभावित हो रही थी, लेकिन इस बारिश से मिट्टी में नमी लौट आई है। धान की रोपाई वाले खेतों को भी भरपूर पानी मिल गया है। किसान उम्मीद जता रहे हैं कि अगर अगले तीन-चार दिन और अच्छी बारिश हो जाती है, तो फसलों को नुकसान का खतरा लगभग खत्म हो जाएगा।
अब तक की वर्षा की स्थिति
इस साल 1 जून से अब तक जिले में औसतन 913.7 मिमी (करीब 36 इंच) वर्षा दर्ज की जा चुकी है। सबसे ज्यादा बारिश बुधनी तहसील में 1289.6 मिमी (50.7 इंच) और सबसे कम जावर में 667.6 मिमी (26.2 इंच) हुई है। तुलनात्मक रूप से देखें तो भैरूंदा में 956 मिमी (37.6 इंच), रेहटी में 1178.4 मिमी (46.3 इंच), इछावर में 852.3 मिमी (33.6 इंच), श्यामपुर में 819.9 मिमी (32.2 इंच), आष्टा में 705 मिमी (27.7 इंच) और सीहोर में 841 मिमी (33.1 इंच) वर्षा दर्ज की गई है।
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पिछले साल की तुलना
यदि पिछले वर्ष से तुलना करें तो इस बार बारिश थोड़ी कम है। 2024 में इसी अवधि (1 जून से 4 सितंबर) तक औसतन 956.3 मिमी (करीब 37.6 इंच) बारिश हो चुकी थी, जबकि इस बार 913.7 मिमी (36 इंच) ही दर्ज हुई है। पिछले साल इछावर में सर्वाधिक 1198.5 मिमी (47.2 इंच) बारिश हुई थी। वहीं इस बार बुधनी ने 1289.6 मिमी (50.7 इंच) बारिश दर्ज कर सभी तहसीलों को पीछे छोड़ दिया।
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अच्छी बारिश के आसार
आर.ए.के. कॉलेज मौसम विभाग के वैज्ञानिक एस.एस. तोमर के अनुसार, अगले तीन-चार दिन जिले में अच्छी बारिश के आसार बने हुए हैं। कहीं रुक-रुक कर तो कहीं तेज बारिश का दौर चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि सितंबर के पहले सप्ताह की यह बारिश खरीफ फसलों को सीधा फायदा पहुंचाएगी।
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