सीहोर जिले के भैरूंदा नगर में बीती रात चोरों ने ऐसा आतंक मचाया कि पूरा कस्बा दहशत में आ गया। रविवार और सोमवार की रात नकाबपोश बदमाशों ने नीलकंठ रोड पर सात दुकानों के ताले तोड़ दिए। सुबह जब व्यापारी दुकानें खोलने पहुंचे तो टूटे ताले और खाली गल्ले देख स्तब्ध रह गए। लाखों की चोरी की खबर फैलते ही पूरा नगर आक्रोश और भय से भर उठा।
जानकारी के अनुसार चोरों ने सबसे ज्यादा नुकसान ओमकार ऑनलाइन और मोबाइल एसेसरीज की दुकान पर किया, जहां से करीब 2 लाख रुपये नकद और 8 हजार की एसेसरीज ले गए। गणेश मोबाइल एंड रिपेयरिंग सेंटर से 25 हजार नकदी, 20 हजार के दो मोबाइल और करीब 30 हजार की एसेसरीज चोरी हुई। आयुष जनरल स्टोर्स से 25 हजार रुपए नगद और 35 हजार का मनहारी सामान गायब हो गया। वहीं मारुति मेन्स वेयर से 35 हजार नकदी और 12 हजार के कपड़े पार हुए। रघु मोबाइल की दुकान से सुधरने आए करीब 8 मोबाइल चुरा लिए गए। कुल मिलाकर चोरों ने 3 लाख से ज्यादा की नकदी और सामान पर हाथ साफ किया।
त्योहारों पर पुलिस ड्यूटी बाहर, नगर असुरक्षित
स्थानीय लोगों का कहना है कि शारदीय नवरात्र पर्व के चलते थाना प्रभारी घनश्याम दांगी समेत अधिकांश पुलिसकर्मी सलकनपुर देवीधाम में ड्यूटी पर तैनात हैं। रात 10 बजे से सुबह 10 बजे तक पुलिस गश्त लगभग ठप रहती है। यही वजह रही कि चोरों ने निडर होकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की अनुपस्थिति ने अपराधियों को खुली छूट दे दी और नगर की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आई।
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सीसीटीवी कैमरे बने शोपीस
नगर परिषद ने लगभग 50 लाख की लागत से 90 से अधिक सीसीटीवी कैमरे नगरभर में लगाए थे। इनका कंट्रोल रूम थाने में है, लेकिन आठ माह में 24 से ज्यादा कैमरे बंद हो चुके हैं। चोर ठीक उन्हीं इलाकों में सेंधमारी कर रहे हैं, जहां कैमरे लगे हैं। इससे साफ है कि या तो कैमरे बेकार पड़े हैं या उनकी मॉनिटरिंग नहीं की जा रही। नगर परिषद अध्यक्ष मारूति शिशिर ने स्वीकारा कि सीसीटीवी व्यवस्था पुलिस को सुपुर्द की गई है और कैमरे खराब होने की स्थिति में पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
व्यापारियों में आक्रोश और गुस्सा
लगातार हो रही चोरियों से व्यापारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उनका कहना है कि आए दिन चोरी और लूट की वारदातें बढ़ रही हैं और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो व्यापारी आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। दुकानदारों का कहना है कि अब व्यापार करना असुरक्षित हो गया है और हर कोई इस भय में जी रहा है कि अगली बारी उसकी दुकान की न हो।
पुलिस का आश्वासन
थाना प्रभारी घनश्याम दांगी ने कहा कि बदमाश नकाब पहनकर आए थे, जिससे उनकी पहचान संभव नहीं हो सकी है। हालांकि पुलिस टीम गठित की गई है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही चोरी का खुलासा करने का आश्वासन दिया गया है। लेकिन नगरवासियों और व्यापारियों का कहना है कि जब तक पुलिस बल की संख्या नहीं बढ़ाई जाएगी और सीसीटीवी सही तरीके से चालू नहीं होंगे, तब तक ऐसे अपराधों पर रोक लगाना मुश्किल है। फिलहाल भैरूंदा दहशत के साये में जी रहा है।