सीहोर जिले के बोरखेड़ा बामन निवासी शर्मा परिवार रविवार को धार्मिक यात्रा से लौटते समय देवास जिले में भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया। बेड़ामऊ-पोलाय के बीच नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार कार पेड़ से टकरा गई, जिससे सुनीता शर्मा, उनके बेटे अभिषेक और बहू नेहा की मौके पर ही मौत हो गई।
रविवार को सीहोर जिले के भैरूंदा तहसील अंतर्गत ग्राम बोरखेड़ा बामन निवासी शर्मा परिवार एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हो गया। धार्मिक यात्रा से लौटते समय उनकी कार देवास जिले में इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे पर बेड़ामऊ और पोलाय के बीच अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में मां, बेटा और बहू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
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पुलिस के अनुसार हादसे का कारण तेज रफ्तार और सड़क पर अचानक आए मवेशी को बचाने की कोशिश रहा। दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सभी यात्री उसमें फंस गए। ग्रामीणों की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में मृतकों की पहचान सुनीता शर्मा (शिक्षिका), उनके बेटे अभिषेक शर्मा और बहू नेहा शर्मा के रूप में हुई है। वहीं, परिवार के अन्य सदस्य लोकेश और अमितेश शर्मा को गंभीर हालत में इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गांव में मातम, एक साथ निकलीं तीनों की अर्थियां
दुर्घटना की खबर जैसे ही ग्राम बोरखेड़ा बामन और भैरूंदा पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। गांव में सामान्य दिनचर्या चल रही थी, लेकिन जैसे ही तीनों की एक साथ अर्थियां निकलीं, माहौल गमगीन हो गया। गांव के लोग अपने काम छोड़कर परिवार के घर पहुंचने लगे। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की आंखें नम थीं और हर कोई स्तब्ध दिखा।
गांव की आत्मा था शर्मा परिवार
स्थानीय लोगों ने बताया कि शर्मा परिवार बेहद मिलनसार और सामाजिक था। मूल रूप से बोरखेड़ा बामन निवासी यह परिवार कार्य और शिक्षा के कारण भैरूंदा के वार्ड क्रमांक 11 में निवास कर रहा था। त्योहारों और सामाजिक आयोजनों में गांव आकर सभी से आत्मीयता से मिलते थे। अब उनकी यादें ही गांव वालों के बीच रह गई हैं। कमलापुर थाना प्रभारी उपेंद्र नाहर ने बताया कि हादसे की प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार और सड़क पर आए मवेशी को कारण माना गया है। मृतक परिवार धार्मिक यात्रा कर राजस्थान से लौट रहा था। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।