सरकार ने सरकारी राशन की दुकानों से अनाज लेने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है। अगर कोई लाभार्थी यह प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो उसे आगे राशन नहीं मिलेगा। सीहोर जिले में करीब 2 लाख 98 हजार 868 लोग अब तक ई-केवाईसी नहीं करा पाए हैं। सरकार ने 5 फरवरी से 3 मार्च तक एक विशेष अभियान शुरू किया है, ताकि सभी पात्र लोगों का ई-केवाईसी हो सके। राशन का लाभ पाने के लिए अपने नजदीकी सरकारी राशन की दुकान पर जाकर पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन से ई-केवाईसी कराना जरूरी है।
जिले में राशन की स्थिति
सीहोर जिले में 10 लाख 51 हजार 455 लोगों को हर महीने राशन मिलता है, जिनमें से 7 लाख 55 हजार 887 लोगों ने ही ई-केवाईसी कराई है। अभी भी 2 लाख 98 हजार 868 लोगों को यह प्रक्रिया पूरी करनी है, नहीं तो उन्हें अगले महीने से राशन नहीं मिलेगा।
कहां-कहां हैं राशन की दुकानें?
सीहोर जिले में कुल 594 सरकारी राशन दुकानें हैं, जहां से लोगों को राशन मिलता है। इनमें ग्रामीण और शहरी इलाकों की दुकानें शामिल हैं।
ग्रामीण क्षेत्र:
आष्टा: 145 दुकानें
बुदनी: 67 दुकानें
इछावर: 77 दुकानें
भैरूंदा: 107 दुकानें
सीहोर: 154 दुकानें
शहरी क्षेत्र:
सीहोर नगर पालिका: 19 दुकानें
आष्टा: 10 दुकानें
कोठरी: 1 दुकान
शाहगंज: 1 दुकान
बुदनी: 4 दुकानें
इछावर: 3 दुकानें
जावर: 2 दुकानें
भैरूंदा: 3 दुकानें
रेहटी: 1 दुकान
किन्हें कितना राशन मिलता है?
सामान्य लाभार्थी: प्रति व्यक्ति 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल।
अंत्योदय योजना के लाभार्थी: प्रति परिवार 22 किलो गेहूं, 13 किलो चावल, 1 किलो शक्कर और 1 रुपए प्रति किलो नमक।
ई-केवाईसी में आ रही परेशानियां
बता दें कि अभी भी लगभग 3 लाख लोग ई-केवाईसी नहीं करा पाए हैं। इसके पीछे कुछ वजहें हैं। जिसमें पहला तो ये कि काम के लिए बाहर गए मजदूर अपने परिवार का ई-केवाईसी नहीं करा पा रहे हैं। दूसरा पांच साल से छोटे बच्चों के आधार अपडेट नहीं होने से दिक्कत हो रही है। तीसरा बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट मशीन पर नहीं आ रहे, जिससे उनका ई-केवाईसी नहीं हो पा रहा है।
जिला आपूर्ति अधिकारी की सलाह
जिला आपूर्ति अधिकारी सुनील कुमार बोहित ने बताया कि अब तक जिले में 72 प्रतिशत लोगों की ई-केवाईसी हो चुकी है। जो लोग शहर से बाहर हैं, वे अपने मौजूदा स्थान की राशन दुकान पर जाकर भी ई-केवाईसी करा सकते हैं।
क्या करें?
बता दें कि 3 मार्च से पहले नजदीकी राशन दुकान पर जाकर ई-केवाईसी कराएं। इसके साथ ही पीओएस मशीन से बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए यह प्रक्रिया पूरी करें। अगर ई-केवाईसी नहीं हुआ तो राशन मिलना बंद हो सकता है।