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Sehore News: फरियादी ही निकले अपने साथी कर्मचारी के हत्यारे, पुलिस ने किया खुलासा

Fri, 31 May 2024 08:49 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हमारा बाबू जाटव से सफाई करने की बात को लेकर 28 मई को विवाद हो गया था। इसी बात को लेकर 29 मई को उन्हाेंने हथौड़े से वार कर बाबू की हत्या की दी। इसके बाद ढाबे मालिक को सूचना दी।  
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सिहोर में युवक की हत्या का खुलासा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीहोर जिले में एक दिन पहले बिलकिसगंज के वीरपुर रोड पर स्थित एक ढाबे पर ग्रामीण का शव मिला था। जिसकी हथौड़े से हमला कर हत्या की गई थी। मामले में मृतक के साथी ही उसकसे हत्यारे निकले। जिन्होंने फरियादी बनकर इसकी सूचना ढाबे मालिक को दी थी। पुलिस ने अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया है। 

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पुलिस के अनुसार थाना बिलकिसगंज अतंर्गत कोबिंग गश्त के दौरान सूचना मिली की कि रिमझिम ढाबा वीरपुर रोड बिलकिसगंज में ढाबे पर काम करने वाले कर्मचारी का शव बाहर खाट पर पड़ा हुआ मिला है। बिलकिसगंज पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। मृतक के सिर पर काफी गंभीर चोट लगी थी और उसका शव बाहर खाट पर पड़ा था और उसके पास लोहे का एक घन (भारी हथौड़ा) पड़ा हुआ था। जिससे उसकी हत्या की गई थी।  

मृतक की पहचान बाबू जाटव पिता नारायण जाटव (33) निवासी ग्राम मोया थाना ब्यावरा जिला राजगढ़ के रूप में हुई थी। पुलिस ने शव को पीएम के अस्पताल पहुंचाया और ढाबे पर काम करने वाले कर्मचारी व सूचनाकर्ता गोविन्द राठौर पिता सीताराम राठौर (21) निवासी ग्राम लीलाखाड़ी थाना बिलकिसगंज कि सूचना पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। 
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पुलिस अधीक्षक सीहोर मयंक अवस्थी ने मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने ढाबा मालिक मुकेश परमार को बुलाकर ढाबे पर काम करने वाले  कर्मचारियों के सबंध में पूछताछ की। इस दौरान सामने आया कि ढाबे से गोविंद राठौर और सुवित वर्मा अपने सामान के साथ बिना बताए कहीं चले गए हैं। संदेह होने पर पुलिस ने दोनों की तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चला। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि दोनों व्यक्ति बिलकिसगंज जोड़ पर कहीं जानें के लिए खड़े हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने दोनों को मौके पर पहुंचकर हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ के बाद दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। 

आरोपियों ने इसलिए की हत्या 
आरोपियों ने बताया कि हम दोनों का मृतक बाबू जाटव से सफाई करने की बात को लेकर 28 मई को विवाद हो गया था। इसी बात को लेकर गुस्से में दोनों ने बाबू जाटव को मारने की योजना बनाई। आरोपी 29 मई को ढाबे पर बने कमरे के बाहर खाट पर बाबू जाटव के होने का इंतजार करने लगे। उसके सोने के बाद सुवित और गोविंद ने बाबू के सिर पर हथौड़े से कई बार हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने कपड़े बदलकर घटना की सूचना ढाबा मालिक मुकेश परमार को दी कि किसी ने बाबू की हत्या कर दी है। पुलिस ने वारदात के एक दिन बाद ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 

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