कंपकंपाती ठंड ने बदला स्कूलों का समय
उत्तर भारत से बह रही बर्फीली हवाओं ने पूरे सीहोर जिले को अपनी चपेट में ले लिया है। सुबह होते ही घना कोहरा, ठिठुरन और शीतलहर का ऐसा असर देखने को मिल रहा है कि आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। इस कड़ाके की ठंड के बीच सबसे अधिक असर मासूम स्कूली बच्चों पर पड़ रहा था। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने निर्णय लेते हुए जिले के सभी विद्यालयों के समय में बदलाव कर दिया है।
कलेक्टर बालागुरू के. ने बच्चों की सेहत और सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए आदेश जारी किया है कि 6 जनवरी से जिले के सभी स्कूल अब सुबह 9.30 बजे से ही संचालित होंगे। पहले की तरह सुबह जल्दी स्कूल जाने वाले बच्चों को अब राहत मिलेगी। यह आदेश आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने साफ कहा है कि बच्चों को सुबह की कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से बचाना इस फैसले का मुख्य उद्देश्य है।
हर स्कूल, हर संस्था पर लागू आदेश
यह आदेश सिर्फ शासकीय विद्यालयों तक सीमित नहीं है। इसमें जिले के भीतर संचालित होने वाले सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालय, निजी स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, सीबीएसई से संबद्ध संस्थान, आंगनबाड़ी केंद्र, प्री-प्राइमरी, नर्सरी, केजी और कक्षा 1 से 12वीं तक की सभी शालाएं शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी संस्था इस आदेश से बाहर नहीं रहेगी। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि कोई स्कूल प्रबंधन निर्धारित समय से पहले स्कूल खोलता पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रशासन ने इसे बच्चों की जान और स्वास्थ्य से जुड़ा मामला बताया है।
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अभिभावकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरते तापमान ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी थी। छोटे बच्चों को सुबह-सुबह कोहरे और ठंड में स्कूल भेजना किसी चुनौती से कम नहीं था। कई बच्चे सर्दी, खांसी और बुखार की चपेट में आ रहे थे। प्रशासन के इस फैसले के बाद पालकों ने राहत की सांस ली है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन का यह कदम समय पर लिया गया एक सराहनीय निर्णय माना जा रहा है। यह फैसला न सिर्फ बच्चों को सुरक्षित रखेगा बल्कि अभिभावकों की चिंता भी कम करेगा।