सीहोर जिले में लंबे समय से बच्चों और युवाओं के बीच ‘कार्बाइड गन’ का खतरनाक खेल चल रहा था। यह गन पटाखे और विस्फोटक पदार्थों से तैयार की जाती थी, जो एक तेज धमाके की आवाज पैदा करती है। कई बार यह खेल जानलेवा हादसों में भी बदल जाता था। अब कलेक्टर बालागुरू के. ने जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च मानते हुए इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
बच्चों की आंखों की कीमत पर मनोरंजन नहीं
हाल ही में जिले के अंचल क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोर की आंख कार्बाइड गन के विस्फोट से झुलस गई थी। यह घटना पूरे इलाके में चिंता का विषय बन गई थी। सिर्फ सीहोर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी ऐसी दर्दनाक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां मासूम बच्चों की आंखें हमेशा के लिए रोशनी खो बैठीं। कलेक्टर का यह निर्णय अब उन मासूमों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बालागुरू के. ने आदेश जारी करते हुए बताया कि यह प्रतिबंध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत लगाया गया है। इसके अंतर्गत जिले की सीमा के भीतर अब कोई भी व्यक्ति कार्बाइड गन या इसी तरह के विस्फोटक उपकरणों का निर्माण, भंडारण, विक्रय या उपयोग नहीं कर सकेगा।
अवैध विस्फोटक उपकरणों से बिगड़ रहा था पर्यावरण संतुलन
कार्बाइड गन बनाने में लोहे, स्टील और पीवीसी पाइपों का उपयोग किया जाता था, जिनमें विस्फोटक भरकर जोरदार धमाका किया जाता था। यह न सिर्फ मानव जीवन के लिए खतरनाक था बल्कि इससे उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण और धुएं से पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा था। प्रशासन ने इसे शांति, सुरक्षा और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा मानते हुए प्रतिबंध को आवश्यक बताया।
उल्लंघन पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी इस आदेश का सख्ती से पालन कराएं। यदि कोई व्यक्ति या व्यापारी इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि अब किसी को भी जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जनता ने राहत की सांस ली
कार्बाइड गन पर प्रतिबंध की खबर मिलते ही शहरवासियों और अभिभावकों में राहत की लहर दौड़ गई। लोगों का कहना है कि हर साल दीपावली या शादी-ब्याह के मौसम में बच्चे इस गन से खेलते थे, जिससे कई बार गंभीर हादसे होते थे। अब प्रशासन के सख्त आदेश से ऐसे हादसों पर रोक लगेगी और त्योहारों की खुशियां बिना किसी भय के मनाई जा सकेंगी।