बलात्कार के अपराध में डेढ़ साल बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं।
- फोटो : अमर उजाला
बलात्कार के आरोपी को डेढ़ साल से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद गिरफ्तार नहीं किये जाने पर हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। पीड़ित अनुसूचित जाति की महिला द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने सिवनी पुलिस को जमकर फटकार लगाई। एकलपीठ ने पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया है कि वह हलफनामे में स्पष्टीकरण पेश करें।
पीड़िता की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि उसने आरोपी श्रीराम चंद्रवंशी निवासी छपारा के खिलाफ 27 मार्च 2024 को आरोपी द्वारा बलात्कार का आरोप लगाते हुए केवलारी थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 आईपीसी और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था। आरोपी ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में आवेदन किया था। हाईकोर्ट ने 6 फरवरी 2025 को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि धारा 164 के तहत दर्ज गवान में आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं।
ये भी पढ़ें- तेरे चाकू से नहीं डरने वाली... कहते ही युवक ने गर्दन और पीठ पर किए वार, बच्चों ने बताई आंखों देखी
याचिका में कहा गया था कि पीड़िता ने 18 फरवरी 2025 को सिवनी एसपी को ज्ञापन देकर आरोपी को गिरफ्तारी की मांग की थी। इसके बावजूद आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके कारण उक्त याचिका दायर की गई है। एकलपीठ ने याचिका को गंभीरता से लेते हुए सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किए। पीड़िता की तरफ से अधिवक्ता हितेंद्र गोल्हानी ने पैरवी की। याचिका पर अगली सुनवाई 27 अक्तूबर को निर्धारित की गई है।