सीहोर में एक हृदयविदारक घटना में नर्मदा नदी में अपने दो छोटे बच्चों के साथ कूदने वाले पिता, राजेश अहिरवार को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. वैभव विकास शर्मा की अदालत में सुनाया गया।
घटना का विवरण प्रस्तुत करते हुए लोक अभियोजक बुधनी पंकज रघुवंशी ने बताया कि पीड़ित सूरजसिंह अहिरवार ने 4 जून 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि सूरजसिंह की भतीजी ममता बाई की शादी गुंदरई सोहागपुर के राजेश अहिरवार से हुई थी। दोनों के दो बच्चे थे, चार साल की बेटी ओमवती (पूनम) और दो साल का बेटा सार्थक। घटना के तीन-चार दिन पहले, राजेश और ममता के बीच किसी विवाद के चलते राजेश ने ममता के पैर में रॉड मार दी थी। इससे वह घायल हो गई और उसे संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान तीन जून 2022 को राजेश ने ममता को धमकी दी कि अगर उसने अपने मायके वालों को इस घटना के बारे में बताया तो वह बच्चों को मारकर खुद भी आत्महत्या कर लेगा। उसी दिन, राजेश अपने दोनों बच्चों को लेकर नर्मदा पुल से कूद गया।
रात को सूचना मिलने पर पुलिस ने बच्चों की तलाश शुरू की। चार जून की सुबह पुलिस ने नर्मदा नदी से दोनों बच्चों की लाशें बरामद कीं। ऑटो चालक राजा मंसूरी ने पुष्टि की कि उसने राजेश को बच्चों के साथ ब्रिज से कूदते देखा था। घटना में राजेश तो बच गया लेकिन दोनों बच्चों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने राजेश को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। विवेचना के पश्चात न्यायालय ने राजेश को धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।