सीहोर जिले की नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले युवक को कोर्ट ने दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी दिया है। दोषी विदिशा का रहने वाला है।
सीहोर जिले के आष्टा में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार चौबे द्वारा 22 वर्षीय अभियुक्त विजय पिता राजकुमार कलावत ग्राम रतनपुर चौक जिला-विदिशा को धारा 376(2)(एन) भादवि के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 3000/- रुपये के अर्थदंड दिया है। जिला अभियोजन अधिकारी देवेन्द्र सिंह ठाकुर द्वारा बताया गया कि 17 फरवरी 2019 को पीड़िता का मां ने पुलिस को घटना की सूचना दी थी। बताया था कि 15 फरवरी 2019 को वह और उसके पति अपने घर से सुबह 11:00 बजे खेत पर गए थे और शाम को जब वे घर लौटे तो पुत्री (17 वर्ष 6 माह) लापता थी।
उसने व उसके पति ने आसपास के लोगों एवं अभियोक्त्री की सहेलियों तथा सभी रिश्तेदारी में पूछताछ किया, किन्तु उसका कोई पता नहीं चला। उसे इतना पता चला कि उसकी पुत्री को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर ले गया है। फरियादी की उक्त रिपोर्ट पर थाना आष्टा में प्रकरण दर्ज किया गया था। पुलिस ने 22 फरवरी 2019 को पीड़िता को थाना केंट जिला गुना से दस्तयाब किया। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।