सीहोर जिले की आष्टा तहसील में खाद्य सुरक्षा विभाग की औचक कार्रवाई ने रेस्टोरेंट और रिजॉर्ट में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या होटल और रिजॉर्ट संचालक चंद रुपए बचाने के लिए लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने पर उतारू हैं? आष्टा के नाना घर रिजॉर्ट में एक्सपायरी डेट के पापड़ और चावलों में कीड़े मिलना खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
खाद्य विभाग की औचक कार्रवाई ने व्यवस्था की उस लापरवाही को उजागर कर दिया, जिसे सामान्य जांच के अभाव में नजरअंदाज किया जा सकता था। जिस सामग्री को खाने की मेज तक पहुंचना था, उसमें ही गंभीर खामी मिली।
औचक जांच में खुली लापरवाही
कलेक्टर बालागुरु के. के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिलेभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्योति बंसल के नेतृत्व में टीम ने आष्टा के विभिन्न रेस्टोरेंट, रिजॉर्ट और किराना प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।
ये भी पढ़ें-
इंदौरः कारोबारी बोला- ब्यूटीशियन ने खुद लगाया फंदा, पहले भी कई बार धमका चुकी थी
नाना घर रिजॉर्ट में एक्सपायरी पापड़
जांच के दौरान नाना घर रिजॉर्ट में खाद्य सामग्री के रखरखाव की गंभीर स्थिति सामने आई। यहां उपयोग किए जा रहे पापड़ की समाप्ति तिथि निकल चुकी थी। इसके अलावा रिजॉर्ट में रखे चावलों में कीड़े पाए गए। टीम ने चावल और पापड़ के नमूने संग्रहित कर जांच के लिए भेजे और संबंधित संचालक को आवश्यक निर्देश दिए।
दूसरे प्रतिष्ठानों पर भी कसा शिकंजा
टीम ने न्यू मनोज रेस्टोरेंट का निरीक्षण कर भाजीबड़ा और कचौड़ी के नमूने लिए। वहीं राधा रानी रिजॉर्ट से दाल और चावल के दो नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए। ओम शिवम किराना एवं जनरल स्टोर से रोस्टेड चने का नमूना भी लिया गया।
लैब रिपोर्ट खोलेगी खाद्य गुणवत्ता की पोल
विभाग द्वारा संग्रहित सभी खाद्य नमूनों को जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी। यदि नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत संबंधित कारोबारियों पर कार्रवाई की जाएगी।